मंझनपुर। जिले के 48 गांवों में ही अब उर्वराशक्ति को परखने के लिए मिट्टी के नमूने लिए जाएंगे, जबकि पहले 72 गांवों से नमूने लेने का लक्ष्य दिया गया था। पहले हर ब्लॉक से नौ-नौ गांव लिए जाने थे, लेकिन अब गांवों की संख्या छह-छह कर दी गई है। यानी हर ब्लॉक से छह-छह गांवों से ही नमूने संग्रहित किए जाएंगे। हाल ही में यह बदलाव मृदा परीक्षण निदेशालय स्तर से किया गया है।
भूमि की उर्वराशक्ति घट तो नहीं रखी है, इसके लिए समय-समय पर खेतों की मिट्टी की जांच होती है। जिले में भी विभाग ने अपनी एक मृदा परीक्षण प्रयोगशाला खोल रखी है। पहले गांवों से सैंपलिंग के दौरान लिखापढ़ी मैनुअल कागजों पर होती थी, लेकिन अब एप के माध्यम से यह काम होना है। इस नई व्यवस्था के साथ ही शासन ने लक्ष्य भी दिया था। इसमें हर ब्लॉक से नौ-नौ गांव लिए गए थे।
इस तरह सभी आठ ब्लॉकों से खेतों की मिट्टी के 7200 नमूने लिए जाने थे, लेकिन अब मृदा परीक्षण निदेशालय की ओर से लक्ष्य में बदलाव किया गया है। अब हर ब्लॉक से छह-छह गांवों को शामिल किया जाएगा। हर गांव से मिट्टी के 100-100 नमूने लिए जाएंगे। इस तरह जनपद में कुल 4800 नमूने इस साल मृदा परीक्षण के लिए लिए जाने हैं। मृदा परीक्षण प्रयोगशाला की टीम अब तक 802 नमूने ले चुकी है। खेतों में धान व अन्य फसलें खड़ी होने के कारण सैंपलिंग का काम फिलहाल ठप है। फसलें कटने के बाद फिर से यह काम शुरू होगा।
मृदा परीक्षण के लिए मिले लक्ष्य में बदलाव हुआ है। यह परिवर्तन निदेशालय स्तर से किया गया है। इसकी कोई स्पष्ट वजह पता नहीं है। जो लक्ष्य मिला है, उसे समय पर पूरा किया जाएगा।
- एसके तिवारी, उपनिदेशक, कृषि