संदीपनघाट के नसीरपुर गांव में ग्राम पंचायत की ओर से निर्माणाधीन भवन की छत शटररिंग खुलते ही भरभरा कर ढह गई। मलवे में दबकर तीन मजदूर जख्मी हो गए। सभी को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। बीडीओ मूरतगंज ने गुणवत्ता की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की है। डीपीआरओ ने कहा मानक के अनुरूप काम नहीं होने पर जिम्मेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा।
मूरतगंज ब्लॉक के नसीरपुर में ग्राम पंचायत की ओर से आंबेडकर पार्क का निर्माण कराया जा रहा है। पार्क में ही मूर्ति की स्थापना होनी है। इसके लिए छत ढलाई कराई गई थी। शुक्रवार की सुबह जैसे की मजदूरों ने शटरिंग खोलनी शुरू की, अचानक छत भरभरा कर ढह गई।
हादसे में शटरिंग खोल रहे चरवा निवासी मजदूर सचिन कुमार व फूलचंद्र तथा नसीरपुर निवासी अशर्फीलाल समेत तीन लोग घायल हो गए। चीख-पुकार सुनकर स्थानीय लोग भागकर मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने आननफानन में मलबा हटाकर किसी तरह तीनों मजदूरों को बाहर निकाला और पास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। चिकित्सकों के मुताबिक मजदूरों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
घटना की जानकारी मिलते ही विकास विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों में खलबली मच गई। बीडीओ संजय कुमार गुप्ता ने बताया कि प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए ब्लॉक के जेई मान सिंह, एडीओ पंचायत नवनीत कुमार व एडीओ समाज कल्याण आदित्यपाल की तीन सदस्यीय कमेटी गठितकर जांच के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं एडीओ पंचायत नवनीत कुमार ने बताया कि ग्राम पंचायत जिस काम को करा रही थी। इसकी जानकारी ब्लॉक में नहीं है। पांच लाख से कम का काम था। ऐसे में इसके लिए ब्लॉक से स्वीकृति की जरूरत नहीं पड़ती। पंचायत प्रस्ताव पास कराने के बाद निर्माण करा सकती है।
रेत की तरह दिखा मसाला
ग्राम पंचायत की ओर से जिस छत का निर्माण किया गया था। छत गिरने के बाद उसमें केवल रेत ही देखने को मिली। जो निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़ा करती है। प्रकरण को लेकर प्रधान से संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन बात नहीं हो सकी। लोगों में चर्चा रही कि सीमेंट और बालू का मिश्रण मानक और गुणवत्ता के मुताबिक नहीं किया गया था।
जांच में काम मानक विहीन मिला तो इसके पीछे जो भी जिम्मेदार होंगे, उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराते हुए कार्रवाई की जाएगी।
- रविशंकर द्विवेदी, डीपीआरओ