मंझनपुर। जल जीवन मिशन का काम करा रहे ठेकेदारों ने पीएमजीएसवाई की करीब 37 करोड़ से बनीं सड़कों को बर्बाद कर दिया। इनमें कई सड़क तो ऐसी हैं, जो पिछले साल बनी थी। इनकी मरम्मत के लिए महकमा न केवल लगातार पत्राचार कर रहा है, बल्कि प्रशासन का भी जोर है। इसके बावजूद जल निगम अपने ठेकेदारों पर मेहरबान है।
केंद्र सरकार के जल जीवन मिशन के तहत जिले में गांव-गांव पेयजल परियोजनाओं का काम चल रहा है। बाबा इंफ्रा और जेएमसी प्रोजेक्ट लिमिटेड दो कंपनियां काम कर रही हैं। पाइप लाइन बिछाने के लिए कार्यदायी संस्थाएं सड़कें खोद रहीं हैं। सिराथू, मंझनपुर, सरसवां, कड़ा और कौशाम्बी ब्लॉक क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बनवाई गई आठ सड़कें
भी खोद कर कंपनियों ने पाइप लाइन बिछाई थी।
शासन का आदेश है कि खोदी सड़कों काे संबंधित कार्यदायी संस्था ही दुरुस्त कराएगी, लेकिन कंपनियां इस पर अमल नहीं कर रहीं हैं। इसके कारण 37 करोड़ से बनीं सड़कें बदहाल हो गईं है। इसकी वजह से ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पीडब्ल्यूडी की सड़कों का भी हाल बेहाल
मंझनपुर। पीएमजीएसवाई ही नहीं पीडब्ल्यूडी की भी तमाम सड़कें जल जीवन मिशन का काम करा रहीं कार्यदायी संस्थाओं की अनदेखी से गड्ढों में तब्दील हो गईं हैं। निर्माण खंड ने करारी-बैगवां मार्ग, रक्सवारा कटरा से रसूलपुर सुकवारा मार्ग, धरमपुर सरैया मार्ग, मंझनपुर से हिमांचल का पूरा, कनैली से महंगूपुर, करारा शाहपुर से खनदेवरा, इंगुआ उपरहार, ओसा कॉलेज से चक सहनपुर संपर्क मार्ग समेत करीब 43 ऐसी सड़कों की सूची बनाई है, जो बदहाल हैं। संवाद
जल जीवन मिशन का काम करा रहीं संस्थाओं को सड़क खोदकर पाइप लाइन बिछाने के लिए एनओसी लेने की जरूरत नहीं है। इसे लेकर शासन का एक आदेश है, जिसमें कहा गया है कि सड़क खोदने के बाद संबंधित संस्था खुद मरम्मत कराएगी। पीएमजीएसवाई की सड़कें भी खोदी गईं, लेकिन उनकी मरम्मत नहीं हुई, जबकि कई बार इसके लिए जल निगम को पत्र लिखा गया है।-
केपी मिश्रा, एक्सईएन, पीएमजीएसवाई