कौशाम्बी कोतवाली इलाके में रहने वाले राहुल से रागिनी बने युवक के लिंग परिवर्तन का मामला स्थानीय स्तर पर गठित मेडिकल बोर्ड की जांच में स्पष्ट नहीं हो सका। परीक्षण के लिए अब कथित रागिनी को प्रयागराज स्थित मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज भेजा जाएगा।
मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट में यह तो पता चला कि कुछ सर्जरी हुई। लेकिन लिंग परिवर्तन की बात स्पष्ट नहीं हुई।
विदित हो कि राहुल का आरोप है कि उसके प्रेमी ने शादी का वादा कर जबरिया उसका लिंग परिवर्तन करा दिया। मंदिर में शादी करने के बाद उसे अपनाने से इन्कार कर रहा है। इस मामले में प्रेमी सतीश, उसके चाचा और पिता पर मुकदमा भी दर्ज है।
राहुल या रागिनी के मामले में मेडिकल रिपोर्ट की जांच में लिंग परिवर्तन कराए जाने की पुष्टि नहीं हो सकी है। अब कथित रागिनी को मेडिकल परीक्षण के लिए प्रयागराज भेजा जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर मुकदमे की धारा में इजाफा कर विवेचना की जाएगी।
- अभिषेक सिंह, सीओ सिटी
सात साल की सजा का है प्रावधान
वरिष्ठ अधिवक्ता फौजदारी पीसी चौरसिया का कहना है कि अगर कोई किसी का जबरन लिंग परिर्वतन कराता है तो आईपीसी की धारा 320 के तहत उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। इस धारा में दोषी को कम से कम सात साल की सजा का प्रावधान है।