परिवार संग दशहरा मनाने घर आए लोगों को ट्रेनों में सीटें न मिलने की वजह से परेशान होना पड़ रहा है। भरवारी और सिराथू के अलावा यात्री प्रयागराज से भी सीट तलाश रहे हैं। लेकिन, ट्रेनों में 100 तो कहीं 150 की वेटिंग मिल रही है। वहीं, लोगों ने बताया कि रात से ही लाइन लगाने के बाद भी तत्काल टिकट पर भी कन्फर्म सीट नहीं मिल पा रही है।
दूरदराज के जिलों व शहरों में रहने वाले तमाम लोग दशहरे पर अपने-अपने घर आए हैं। इन्हें अब वापस जाना है। लेकिन, ट्रेनों में चल रही सीटों की वेटिंग ने परेशान खड़ी कर दी है। भरवारी रेलवे स्टेशन पर तत्काल कोटे का टिकट बुक नहीं हो पाने से मंझनपुर के राज निराश हो गए। उन्होंने बताया कि मुंबई जाना है। इसके लिए कई ट्रेनें खंगाली, लेकिन किसी में सीट नहीं मिली। तत्काल में टिकट कराने के लिए रात से लाइन में लग गया था। तब कहीं जाकर तीसरा नंबर मिला। काउंटर पर जाकर ट्रेनों में सीटें दिखवाईं तो 100 से 150 की वेटिंग मिली।
समदा के नवल ने बताया कि दिल्ली का तत्काल टिकट बुक करवाने आए थे। रिजर्वेशन काउंटर पर लाइन इतनी लंबी थी कि जब नंबर आया, तब तक सीट ही खत्म हो गई थी। इसी तरह सीट न मिलने के कारण पंकज कुमार, संजय, प्रकाश व करन भी मायूस होकर घर लौट गए। इन यात्रियों ने कहा कि त्योहारी सीजन में यात्री बढ़ जाते हैं। यह बात रेलवे अभी अच्छी तरह जानता है। फिर भी ट्रेनों की संख्या नहीं बढ़ाई जाती।
तीन नवंबर तक न मांगिए सीट
रेलवे की ओर से त्योहार पर कई स्पेशल ट्रेनें चलवाई जा रहीं हैं। लेकिन, यह पर्याप्त नहीं हैं। दिल्ली व मुंबई समेत अन्य शहरों में रहने वाले लोग प्रयागराज रेलवे स्टेशन से भी टिकट मांग रहे हैं। लेकिन, सीट नहीं मिल रही है। प्रयागराज से गुजरने वाली तुलसी एक्सप्रेस, लोकमान्य तिलक टर्मिनल एक्सप्रेस, गोदान एक्सप्रेस, काशी एक्सप्रेस, साकेत सुपर फास्ट एक्सप्रेस समेत बड़े-बड़े शहरों को जाने वाली अन्य लंबी दूरी की ट्रेनों में तीन नवंबर तक सीटें फुल हो गईं हैं। भरवारी में ठहरने वाली सिक्किम महानंदा एक्सप्रेस और महाबोधी एक्सप्रेस में भी अगले 15 दिनों तक कोई सीट खाली नहीं है।
त्योहारी सीजन में स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। अगर, यह भी अपर्याप्त हैं तो अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन और ट्रेनों के फेरे बढ़वाए जाएंगे। ताकि, यात्रियों को किसी तरह की दिक्कत न हो।
अमित कुमार सिंह
पीआरओ, प्रयागराज मंडल