उमस भरी गर्मी ने नेत्र रोग की समस्या बढ़ा दी है। आंखों के लाल होने, खुजली, चुभन और जलन आदि की दिक्कतें बढ़ने लगी हैं। मेडिकल काॅलेज की ओपीडी में रोजाना 40 से 45 मरीज इसी सब से परेशान होकर आ रहे हैं। इलाज के साथ-साथ चिकित्सक इन्हें बचाव के तौर-तरीके भी बता रहे हैं।
अप्रैल, मई और जून में चिलचिलाती धूप और तपिश ने आंखों की दिक्कतें बढ़ा रखीं थी। बिना चश्मे के घर से निकलना मुश्किल था। मानसून आने के बाद जब धूप पर अंकुश लगा तो कुछ राहत मिली थी। लेकिन, इन दिनों उमसभरी गर्मी ने फिर से परेशानी बढ़ा दी है। कोई आंखों के लाल होने तो कोई खुजली, चुभन और जलन से बेहाल है। इसी के चलते मेडिकल कॉलेज के नेत्र विभाग में रोगियों की संख्या बढ़ गई है। करीब एक पखवाड़ा पहले जहां रोज 100 से 125 नेत्र रोगी आते थे। वहीं, इन दिनों अमूमन 150-160 रोगी आ रहे हैं। इनमें से करीब 40 से 45 रोगी आंखों में जलन, चुभन, लालपन और खुजली के आ रहे हैं। नेत्र रोग विशेषज्ञ डाॅ. हेमंत यादव ने बताया कि उमसभरी गर्मी की वजह से यह दिक्कतें बढ़ी हैं। बीते 15 दिनों से इन मरीजों की संख्या में इजाफा हो गया है। जबकि, पहले इनकी संख्या 15 से 20 के आसपास थी।
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आंखों को सुरक्षित रखने के लिए बरतें सावधानी
धूल और मिट्टी से आंखों को बचाकर रखें
घर से बाहर बिना चश्मा लगाए न निकलें
दिक्कत होने पर ठंडे पानी से आंखें धुलें
जलन या चुभन पर आंखों को मसलें नहीं
पानी आने पर साफ सूती कपड़े का ही प्रयोग करें
बिना चिकित्सीय सलाह के कोई आई ड्रॉप न डालें
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मोबाइल के लगातार प्रयोग से कमजोर हो रहीं आंखें
डॉ. हेमंत यादव बताते हैं कि लगातार मोबाइल का प्रयोग भी आंखों को बीमार बना है। इससे किसी की आंखों की रोशनी कम हो रही हैं तो कोई सिर दर्द की समस्या से परेशान हो रहा है। इसके अलावा आंखों में सूखेपन की दिक्कत भी हो रही है। उन्होंने बताया कि ओपीडी में रोज आठ से 10 रोगी यही परेशानी लेकर आते हैं। इसे देखते हुए लोगों को मोबाइल का प्रयोग सीमित करना होगा। तभी आंखें सुरक्षित रहेंगी।