मूरतगंज ब्लॉक में तैनाती के दौरान तीन सचिवों ने सात ग्राम पंचायतों के विकास के लिए मिले 36.80 लाख रुपये का गबन कर लिया। जिला लेखा परीक्षा की ऑडिट रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। डीपीआरओ ने आरोपी सचिवों से 12 प्रतिशत ब्याज की दर से गबन की आधी धनराशि 18.40 लाख रुपये वसूली की संस्तुति करते हुए डीडीओ को पत्र भेजा है।
डीपीआरओ रवि शंकर द्विवेदी ने डीडीओ विजय कुमार को पत्र भेजकर बताया कि वर्ष 2014 में विभिन्न गांव में तैनात विकास विभाग के तीन सचिवों ने 36.80 लाख रुपये का गबन किया है। यह बातें जिला लेखा परीक्षा की ऑडिट रिपोर्ट में प्रकाश में आई हैं। लेखा परीक्षा ने अपनी रिपोर्ट 18 जनवरी को दी है।
रिपोर्ट के आधार पर डीपीआरओ ने मूरतगंज के बरीपुर व दरवेशपुर में तैनात तत्कालीन सचिव अखिलेश सोनी से गबन की आधी धनराशि 4.55 लाख रुपये। पन्नोई, अरई सुमेरपुर, जलालपुर बोरियो व बथुई में तैनात तत्कालीन सचिव रविदत्त मिश्र से 12.47 लाख रुपये और मंझनपुर के जमदुआ में तैनात तत्कालीन सचिव श्रवण कुमार मिश्र से 75 हजार 200 रुपये की वसूली की जाएगी।
वसूली 12 प्रतिशत ब्याज के दर से कराते हुए ग्राम पंचायत निधि के खाते में जमा कराने के लिए कहा गया है। बताया कि आधी धनराशि तत्कालीन ग्राम प्रधान से वसूली जाएगी। वहीं, डीडीओ ने अब तक ऐसे किसी पत्र के मिलने की जानकारी से इन्कार किया है।