मंझनपुर। सैनी कोतवाली के गनपा गांव स्थित खेत में मिले अज्ञात युवक के शव की शिनाख्त नहीं हो सकी है। खुलासे के लिए गठित पुलिस की दो टीमें सारे हथकंडे अपना चुकी है। इसके बावजूद हत्याकांड का खुलासा तो दूर पुलिस अब तक शव की शिनाख्त तक नहीं करा सकी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि तो हुई, लेकिन कातिल कौन है? यह गुत्थी उलझी पड़ी है।
गनपा गांव निवासी धर्मराज की बहू शीला मंगलवार को खेत में मवेशियों के लिए चारा काटने गई थी। इस दौरान उसने एक अज्ञात युवक का शव खेत में देखा। कातिलों ने उसके सिर पर वार कर मौत के घाट उतारा था। शव चादर में लपेट कर फेंका गया था। पुलिस ने स्थानीय लोगों को बुलाकर शव के शिनाख्त कराने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली।
एसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने खुलासे के लिए दो टीमों का गठन का किया। टीमें जिले के अलावा फतेहपुर, प्रयागराज, चित्रकूट, प्रतापगढ़ का खाक छानकर लौट आई। इसके बाद भी शव की शिनाख्त नहीं हो सकी। बसों में मृतक का पोस्टर चस्पा कराकर खोजबीन का भी प्रयास किया गया है। पुलिस विभाग के तमाम एप का भी सहारा लिया गया। सारी कवायद फेल होने के बाद अब पुलिस खामोश हो गई है।
शव की शिनाख्त कराने के लिए पुलिस ने प्रयागराज-कानपुर हाईवे पर लगे सौ से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाला। इसके बाद भी घटना के बाबत कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस विभाग के सूत्रों की मानें तो यह तो साफ हो चुका है कि युवक की हत्या कहीं और करने के बाद लाश यहां लाकर फेंकी गई है। लेकिन वह कौन है, कातिल कौन है? इसका पता नहीं चल पा रहा है। माना जा रहा है कि युवक की हत्या का रहस्य अज्ञात की फाइल में ही सिमट जाएगा। थानाध्यक्ष चंद्र भूषण मौर्या का कहना है कि जब तक शव की शिनाख्त नहीं हो जाती तब तक कुछ भी कहना मुश्किल है।