बारा। तथागत की तपस्थली को हरा-भरा बनाने के लिए चार महीने पहले 100 ब्रिक गार्ड बनाकर पौधे रोपे गए थे। पौधारोपण के बाद वन विभाग इन्हें भूल गया। देखरेख के अभाव में ज्यादातर पौधों ने दम तोड़ दिया। वहीं ब्रिक गार्ड अराजकतत्वों ने ध्वस्त कर दिए। थोड़े बहुत जो पौधे बचे थे, वे भी सूख गए।
कौशाम्बी में सम्राट अशोक स्तंभ और अन्य पर्यटक स्थल हैं। देश ही नहीं, विदेशों से भी हर साल हजारों पर्यटक यहां आते हैं। अशोक स्तंभ के आसपास न तो हरियाली है और न ही यहां पर कोई होटल और छायादार अन्य जगह। ऐसे में पर्यटकों को काफी दिक्कतें होती हैं। इसी को देखते हुए चार महीने पहले वन विभाग ने यहां पर पौधरोपण कराया।
करीब 100 ब्रिक गार्ड बनवाकर उनमें पौधे लगाए गए। साथ ही इनकी देखरेख के लिए एक चौकीदार भी रखा गया। इसके बावजूद पौधों की देखरेख नहीं हो सकी। क्षेत्र के माता प्रसाद, अशोक चंद्र, विद्या सागर, ननकू लाल आदि ग्रामीणों ने बताया कि रोपे गए तमाम पौधे महज देखरेख के अभाव में सूख गए। महज ब्रिक गार्ड ही शेष बचे थे।
अराजकतत्वों ने तमाम ब्रिक गार्ड भी ध्वस्त कर दिए। इसकी वजह से कुछ वह पौधे भी सूख गए जो बचे थे। इस तरह पर्यटन क्षेत्र में हरियाली ने पनपने के पहले ही पौधों ने दम तोड़ दिया, लेकिन जिम्मेदारों ने इन पौधों की सुधि नहीं ली।
बुद्ध के तीर्थ स्थल में अराजकतत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। श्रद्धालुओं का सामान छीनकर भाग जाते हैं। गाड़ियों पर पथराव कर देते हैं। पूजन में व्यवधान पैदा करते हैं। पथराव की वजह से कई बार तो श्रद्धालुओं को चोट भी लग जाती है। 20 दिन पहले इस मामले को लेकर डीएम से शिकायत की थी। जिस पर डीएम ने एसपी से यहां चौकी बनाने के लिए प्रस्ताव मांगा है।
-टी. सिरी विशुद्धी महाथेरो, प्रबंधक श्रीलंका बुद्ध विहार
बुद्ध की तपस्थली में छाया का कोई इंतजाम नहीं है। इसलिए हर साल वन विभाग द्वारा सैकड़ों पौधे रोपे जाते हैं, लेकिन देखरेख के अभाव में पौधे तैयार नहीं हो पाते। विदेशी टूरिस्टों को गर्मी के दिनों में कठिनाई का सामना करना पड़ता है। यदि रोपे गए पौधे तैयार हो जाएं तो पर्यटकों को धूप से राहत मिलेगी।
-भंते सिरी सुमन, श्रीलंका बुद्ध विहार
अभी हाल में ही यहां पोस्टिंग हुई है। ट्री गार्ड टूटने और पौधों के सूखने की जानकारी नहीं है। मामले की जांच कराकर उचित कदम उठाए जाएंगे।
- राज कैथवाल, रेंजर, वन विभाग