भरवारी के मौली स्थित प्राथमिक विद्यालय में शोपीस बना पेयजल शेड। संवाद
सुधार के दावों के बावजूद नगर पालिका परिषद क्षेत्र के परिषदीय विद्यालय बदहाली और व्यवस्थाओं से उबर नहीं पा रहे हैं। हालात यह हैं कि विद्यालयों में शौचालय और पीने के लिए पानी तक की व्यवस्था नहीं है। कई जगह शौचालयों में ताला लटक रहा है। ऐसे में सबसे ज्यादा दिक्कत छात्राओं व शिक्षिकाओं को होती है। प्यास बुझाने के लिए पानी घर से लाना पड़ता है। इस तरह की अन्य समस्याएं स्कूलों में है। नगर क्षेत्र में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक मिलाकर 41 परिषदीय स्कूल हैं। कुछ स्कूलों को छोड़ दें तो कमोबेश ज्यादातर स्कूलों में ऐसी ही दिक्कते हैं।
पेश है एक रिपोर्ट...
केस एक
पानी छोड़ देता हैंडपंप, बोरिंग बंद पड़ी
प्राथमिक विद्यालय मौली में 141 बच्चे पंजीकृत हैं। तीन शिक्षक व एक शिक्षामित्र की तैनाती है। प्रधानाध्यापक सुरेंद्र कुमार ने बताया कि स्कूल में तीन शौचालय बने हैं, लेकिन एक भी काम नहीं करता है। तीनों शौचालय चोक पड़े हैं। तीन लाख रुपये लगाकर पिछले साल नगर पालिका ने सबमर्सिबल पंप की बोरिंग व पानी की टंकी बनवाई गई थी। लेकिन, यह भी खराब पड़ी है। एक हैंडपंप है, लेकिन वह भी पानी छोड़ देता है।
केस दो
दो साल में बने पांच शौचालय, सब के सब बदहाल
प्राथमिक विद्यालय मझियावा में 78 बच्चे पंजीकृत हैं। यहां पर भी पहले तीन शौचालय बने थे। इनके बदहाल होने पर नगर पालिका परिषद ने पिछले साल तीन और इस साल दो नए शौचालय बनवाए थे। लेकिन, पांचों शौचालय बंद पड़े हैं। एक हैंडपंप है, लेकिन वह भी गंदा पानी दे रहा है। इसके अलावा अन्य कई समस्याएं भी हैं। प्रधानाध्यापक प्रवीण शर्मा का कहना है कि कई बार नगर पालिका में पत्र दिया गया, लेकिन हुआ कुछ नहीं।
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नगर क्षेत्र के कई प्राथमिक विद्यालयों में कार्य होने हैं। इनका एस्टीमेट बना लिया गया है। इसी सप्ताह स्कूलों में कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
राम सिंह, ईओ, नगर पालिका परिषद, भरवारी
भरवारी के मौली स्थित प्राथमिक विद्यालय में शोपीस बना पेयजल शेड। संवाद