मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में पीड़ितों की भरमार, बच्चों और बुजुर्गों पर ज्यादा वार
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। बदला मौसम लोगों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज में ही नहीं, निजी अस्पतालों और क्लीनिकों में भी मौसम जनित बीमारियों से पीड़ितों की भरमार है। डायरिया संग सर्दी-जुकाम, बुखार और खांसी के मरीज बढ़ गए हैं। पीड़ितों में बुजुर्गों और बच्चों की संख्या ज्यादा है।
मेडिकल काॅलेज में 11 जुलाई को 541 मरीजों ने उपचार कराया था। इसके बाद 12 जुलाई को 726, 13 जुलाई को 712 मरीज आए। वहीं सोमवार को 962 मरीजों ने पंजीकरण कराया। इनमें से लगभग 400 मरीज सिर्फ फिजीशियन को दिखाने आए थे। इनमें डायरिया के 30, बुखार के 40, खांसी के 45, पेट से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित करीब 35 मरीज रहे। इसके अलावा अन्य मरीज ऐसे थे जिनका पहले से इलाज चल रहा था।
फिजीशियन डॉ. संजीव सिंह ने बताया कि डायरिया के मरीजों की संख्या में पहले की अपेक्षा कमी आई है। करीब 10 दिन पहले इनकी संख्या 50 के आसपास रहती थी। जबकि, अब औसतन 35 मरीज आते हैं। वहीं सदी-जुकाम, बुखार व खांसी पीड़ितों की संख्या 25 से बढ़कर 40 पार चली गई है।
-
चार दिन में डायरिया-बुखार पीड़ित 19 बच्चे हुए भर्ती
मेडिकल कॉलेज में बीते चार दिन में डायरिया और बुखार पीड़ित 19 बच्चों को गंभीर हालत में भर्ती किया गया। 12 और 13 जुलाई को छह-छह, 14 व 15 जुलाई चार-चार बच्चे भर्ती किए गए थे। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विश्व प्रकाश ने बताया कि बच्चों में उल्टी-दस्त व बुखार की समस्या अधिक हो रही है। ऐसे में बच्चों की सेहत का खास ध्यान रखें। बाहर के खाने-पीने की चीजों से इन्हें दूर रखें। घर की बनी चीजें ही खाने को दें। अधिक से अधिक पानी पीने के लिए कहें। थोड़ी सी भी दिक्कत हो तो तत्काल चिकित्सक की सलाह लें।