मंझनपुर। विभाजन विभीषिका पर सोमवार को कलक्ट्रेट में संगोष्ठी का आयोजन हुआ। इसमें सांसद विनोद सोनकर ने विभाजन विभीषिका मनाने के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। कलक्ट्रेट में लगाई गई प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया।
सांसद ने कहा कि दुनिया का सबसे बड़ा विभाजन और त्रासदी, उस काल खंड का अगर कोई था, तो वह भारत का विभाजन था। इसके कारण दो करोड़ से ज्यादा लोग अपनी मातृभूमि से कटकर विस्थापित के रूप में रहने को मजबूर हुए। छह लाख से ज्यादा लोगों का नरसंहार हुआ। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अपने प्राणों की आहूति दी और जिनका नरसंहार हुआ, उन्हें याद करना ही विभाजन विभीषिका मनाने का मुख्य उद्देश्य है।
उन्होंने कहा कि 14 अगस्त 1947 को दो देश बनें, भारत और पाकिस्तान। पाकिस्तान का निर्माण तुष्टिकरण एवं नफरत के आधार पर हुआ था। उसी का परिणाम था कि 1971 में पाकिस्तान का बंटवारा हुआ और बांग्लादेश अस्तित्व में आया। डीएम सुजीत कुमार ने कहा कि विभाजन विभीषिका दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी। देश का विभाजन किसी विभीषिका से कम नहीं था। एसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव, सीडीओ डॉ. रवि किशोर त्रिवेदी, जिला अर्थ व संख्याधिकारी अजीत प्रताप सिंह ने भी विचार व्यक्त किए।