सरायअकिल। भगौतीगंज निवासी अजय केसरवानी के इकलौते बेटे हिमांशु की मौत पर लोगों का गुस्सा दूसरे दिन भी रहा। पोस्टमार्टम के बाद बृहस्पतिवार को शव घर पहुंचा तो स्थानीय लोगों ने फिर फकीराबाद चौराहे पर करीब डेढ़ घंटे जाम लगाया।
बालक को कुचलने वाले नशेड़ी सिपाहियों के कार्रवाई और मुआवजे की मांग करने लगे। सीओ चायल ने चंदे से पीड़ित परिवार को एक लाख की आर्थिक मदद देकर पुलिस की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार कराया।
बृहस्पतिवार रात दारू पार्टी के बाद निकले सिपाहियों की कार ने सात वर्षीय हिमांशु को कुचल दिया था। घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने रात में ही चक्काजाम कर दिया था। देर रात एसडीएम चायल सौम्य मिश्रा व सीओ योगेंद्र कृष्ण नारायण ने करीब एक बजे किसी तरह जाम समाप्त कराया। रात को ही हिमांशु के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
सीओ ने बताया कि डीएम ने प्रमुख सचिव से मुआवजे के लिए बात की है। उन्होंने अपने स्तर पर पीड़ित परिवार की आर्थिक सहायता के लिए एक लाख का चंदा एकत्र किया है। यह पैसा मृतक के बाबा सुभाष केसरवानी के हाथ में देकर उन्होंने लोगों का गुस्सा शांत कराया। साथ ही करीब एक किलोमीटर दूर कब्रिस्तान में शव ले जाकर दफन कराया।
विश्वास दिलाया, पैसा सिपाहियों का नहीं
सरायअकिल। हिमांशु की मौत के बाद पीड़ित परिवार को जब सीओ चायल योगेंद्र कृष्ण नारायण एक लाख की आर्थिक मदद दे रहे थे तभी अफवाह फैली की यह पैसा आरोपी सिपाहियों का है। इस पर माहौल फिर से बिगड़ने लगा। बाद में सीओ ने सफाई दी कि यह पैसा अन्य पुलिस कर्मियों ने चंदा एकत्र कर जुटाया है। संवाद
स्थानीय पुलिस पर भड़के, बाहर से आई फोर्स
सरायअकिल। घटना के बाद सरायअकिल कोतवाली के किसी भी सिपाही की घटना स्थल पर जाने की हिम्मत नहीं पड़ी। सीओ योगेंद्र कृष्ण नारायण ने बाहर के थानों की फोर्स बुलाकर किसी तरह हंगामा शांत कराया।
दरअसल बालक को टक्कर मारने के बाद स्विफ्ट कार सवार सिपाही सीधे सरायअकिल कोतवाली पहुंचे। उस वक्त रात के करीब नौ बज रहे थे। व्यापारी अपनी-अपनी दुकानें बंद कर रहे थे। घटना की जानकारी हुुई तो सभी कोतवाली की तरफ बढ़े। पुलिस ने सभी को बैरिकेडिंग कर रास्ते में ही रोक लिया। पुलिस पर आरोप लगा कि वह सिपाहियों को बचाने का प्रयास कर रही है। नाराज लोग सड़क पर बैठ गए। संवाद
लॉकअप में थे सिपाही, सामने गुस्से में थे लोग
सरायअकिल। कोतवाली में रहे मुख्य आरक्षी अखिलेश सिंह ने आरोपी पुलिस कर्मियों को लॉकअप में डालकर बाहर से ताला बंद कर लिया। इसके बाद भी भीड़ हवालात के बाहर खड़ी होकर दोषी पुलिस कर्मियों को गालियां देती रही। कनैली चौकी प्रभारी संजय परिहार ने बीच-बचाव का प्रयास किया तो उनके साथ धक्कामुक्की हुई। पता चला कि इंस्पेक्टर विनीत सिंह मेरठ कोर्ट में गवाही देने गए थे। शुक्रवार सुबह ही कोतवाली वापस लौट आए। संवाद
सरकारी आवास में हुई थी शराब पार्टी
नेवादा। बृहस्पतिवार को अभय यादव ने साथी सिपाही रोहित तिवारी व अरुण यादव के साथ कोतवाली परिसर स्थित सरकारी आवास में शराब पार्टी की। करन चौराहे पर जेसीबी संचालक गुड्डू मौर्या के साथ फिर पी।
बालक हिमांशु को कार से कुचलने वाला सिपाही अभय यादव का पिछले दिनों हाथरस तबादला हो गया था। लोगों का आरोप है कि सरायअकिल कोतवाली में तैनाती के दौरान अभय यादव का मिट्टी व बालू के अवैध खनन करने वालों से करीबी रिश्ता रहा। इसकी वजह से तबादले के बाद भी वह अक्सर यहां आता था व माफियाओं के साथ मिलकर दारू-मुर्गा की पार्टी करता था। संवाद
बिलख रहीं थी बहनें, अब किसे बांधेंगी राखी
सरायअकिल। भगौतीगंज निवासी अजय केसरवानी छह भाई में दूसरे नंबर के हैं। बड़े भाई संजय के सिर्फ एक बेटी पीहू (07) है। अजय के दो बेटी परी व लाडो के अलावा इकलौता बेटा हिमांशु था। तीसरे नंबर के विजय व चौथे नंबर के विनय के संतान नहीं हैं। पांचवे नंबर के भाई जीतेंद्र के भी सिर्फ एक बेटी है। सबसे छोटे भाई संदीप के संतान नहीं है। इस वजह से चार बहनों के बीच हिमांशु इकलौता था। वह भगौतीगंज के कृष्णा पब्लिक स्कूल में एलकेजी का छात्र था। हिमांशु की मौत से उसकी बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है।