शनिवार को जिले भर के थानों में समाधान दिवस का आयोजन हुआ। जिसमें 87 लोगों ने अपनी समस्या दर्ज कराई। इसके सापेक्ष 33 मामलों का निस्तारण किया गया। सबसे ज्यादा मामले भूमि विवाद के सामने आए। समस्या निस्तारण का आश्वासन मिला, लेकिन पीड़ितों का कहना था कि धरातल पर न्याय मिले, तब ही इंसाफ माना जाएगा। खुद जिलाधिकारी राजेश राय व एसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने पश्चिमशरीरा व महेवाघाट कोतवाली पहुंच कर लोगों की समस्या सुनीं।
सरायअकिल कोतवाली में कुल 12 मामले आए, जिसमें भूमि विवाद के ही 11 मामले थे। कस्बे के भगौतीगंज निवासी कालका सिंह ने बताया कि उसकी भूमि फकीराबाद में है। रास्ते को लेकर काफी दिनों से विवाद है। शिकायत पर कार्रवाई का सिर्फ आश्वासन मिलता है। चायल तहसील के नायब तहसीलदार कपिल मिश्रा ने पुलिस के साथ मौके पर जाकर विवाद हल कराया। बसुहार गांव निवासी हरिश्चंद्र व ज्ञानचंद्र के बीच आपसी बंटवारा का विवाद रहा। जिसको दोनों पक्षों को बैठाकर आपसी सहमत से मामले को निस्तारित कराया गया। चिरारी गांव निवासी अमर सिंह ने बताया कि मेरे भूमिधरी खेत से चकमार्ग निकाला गया है, जबकि चकमार्ग दूसरे तरफ से गया है। कई बार एसडीएम से बात की गई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई है। राजस्व टीम ने मौके पर पहुंच तक समस्या का समाधान किया। हालांकि फरियादी इससे संतुष्ट नहीं है। ज्यादातर लोगों का कहना था कि पहले भी लेखपाल आदि को भेजकर ऐसा समझौता कराया जा चुका है। फिलहाल असल मायने में न्याय तभी मिलेगा जब समस्या का निदान हो जाए। इसी तरह जिले भर के थानों में भूमि विवाद से जुड़े 57 मामलों की शिकायत दर्ज कराई गई। जिसमें से सिर्फ 13 का निस्तारण हो सका। पुलिस से जुड़े 30 मामले थे, जिसमें 22 का त्वरित निस्तारण किया गया।
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देवर दे रहा धमकी, पुलिस से शिकायत
चायल। चरवा कोतवाली के बरियावां गांव की सुनीता देवी का आरोप है कि शुक्रवार की शाम वह घर का काम कर रही थी। इसी दौरान उसका देवर घरेलू विवाद को लेकर गाली गलौज करने लगा। विरोध करने पर उसने डंडे से पिटाई भी की। इससे उसको काफी चोटें आईं। शोर सुनकर वहां पहुंचे लोगों ने बीच बचाव कर मामले को शांत कराया। शनिवार को पीड़िता ने समाधान दिवस में शिकायत की है। संवाद
नायब तहसीलदार में मुक्त कराया अवैध कब्जा
पश्चिमशरीरा। पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर में आम रास्ते पर कब्जे पर कब्जे की शिकायत बच्चा लाल पाल, हरीश त्रिपाठी सहित ग्रामीणों ने थाना दिवस पर की। जिसके बाद नायब तहसीलदार प्रताप बहादुर सिंह और कानूनगो बसंत लाल ने हल्का लेखपाल कुलदीप शुक्ला को लेकर आम रास्ते में हो रहे कब्जे को मुक्त करा दिया।