फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kaushambi News: अदालत के आदेश पर सगे भाइयों पर धोखाधड़ी का मुकदमा

Sat, 04 Feb 2023 12:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
विज्ञापन
विज्ञापन
अदालत के आदेश पर सगे भाइयों पर धोखाधड़ी का मुकदमा
विज्ञापन

नौकरी नहीं मिलने पर पैसा मांगा तो दी जान से मारने की धमकी
अदालत के आदेश पर पइंसा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ दर्ज किया केस
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। रेलवे में ग्रुप डी की नौकरी दिलाने के नाम पर जालसाज भाइयों ने अपने रिश्तेदार को तीन लाख का चूना लगा दिया। काफी दिनों तक नौकरी नहीं मिलने पर रिश्तेदार ने पैसा मांगा तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई। मामले में अदालत के आदेश पर पइंसा पुलिस ने आरोपी भाइयों के खिलाफ धोखाधड़ी व गबन का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
फतेहपुर जिले के थरियांव कोतवाली इलाके के भारत गांव निवासी चेतन सिंह ने बताया कि उसके दूर का रिश्तेदार बृजेश कुमार पइंसा कोतवाली के बाले का पुरवा गांव में रहता है।। चेतन के मुताबिक पढ़ाई पूरी करने के बाद वह नौकरी की तलाश में परेशान था। दो साल पहले रिश्तेदार बृजेश व उसके भाई मुन्ना ने बताया कि उनकी रेलवे में अच्छी पकड़ है। वह ग्रुप डी में नौकरी लगवा सकते हैं। इसके एवज में तीन लाख रुपये देना पड़ेंगे। काम नहीं होने पर ब्याज सहित रुपये वापस करने का दावा किया।
विज्ञापन

चेतन का कहना है चार अक्तूबर 2020 को उसने अपना खेत गिरवी रखकर व कुछ रुपये रिश्तेदारों से उधार लेकर बृजेश व मुन्ना को दिया। साल भर में नौकरी दिलाने का रिश्तेदारों ने वादा किया। साल भर बाद भी नौकरी नहीं मिली तो उसने पैसा वापस मांगा। वर्ष 2021 में उसके साढ़ू राजेश के खाते में आरोपियों ने 20 हजार रुपया भेजा गया। बाकी के पैसा को लेकर वह लोग टाल-मटोल करते रहे। परेशान चेतन पैसा लेने आरोपियों के घर पहुंचा तो उसके साथ गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी दी।
मामले में चेतन ने पुलिस से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हो सकी। पुलिस के कार्रवाई नहीं करने पर चेतन ने अदालत का सहारा लिया। कोर्ट के आदेश पर बृहस्पतिवार को पइंसा कोतवाली पुलिस ने आरोपी बृजेश व उसके भाई मुन्ना के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
विज्ञापन


पुलिस ने कराया था समझौता
मंझनपुर। धोखाधड़ी के शिकार चेतन का कहना है गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी मिलने के बाद उसने 10 सितंबर 2022 को पइंसा कोतवाली में तहरीर दी थी। पुलिस ने आरोपियों को बुलाया, लेकिन वहां रहे दरोगा के सामने आरोपियों ने दो महीने के अंदर पैसा वापस करने को कहा। इसके बाद भी पैसा नहीं दिलाया गया। मामले की फिर पुलिस से शिकायत की गई, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। मजबूरी में उसे अदालत का सहारा लेना पड़ा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें