आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में तब्दील हत्या का मुकदमा
पश्चिमशरीरा थाना के टीकरनागी गांव में दहेजहत्या के आरोपी की संदिग्ध मौत का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। पश्चिमशरीरा थाना क्षेत्र के टीकरनागी गांव में दहेज हत्या के नाबालिग आरोपी की संदिग्ध मौत के मामले में शुक्रवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद नया मोड़ आ गया। मृतक की मां ने बहू के मायके वालों पर हत्या की एफआईआर लिखाई थी। रिपोर्ट आई तो पता चला कि यह आत्महत्या है। इसी के बाद मुकदमे को आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में तब्दील कर दिया गया।
टीकरनागी गांव निवासी अंजली देवी (23) पत्नी रतीभान की सोमवार को संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। अंजली छह माह की गर्भवती थी। मामले में उसके पति, सास शांति देवी, देवर उदयभान और चंद्रभान के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट लिखाई थी। पुलिस मामले की छानबीन कर ही रही थी कि इसी बीच बृहस्पतिवार की सुबह मामले के एक आरोपी चंद्रभान (17) की मौत हो गई। सुबह उसका शव घर के अंदर कमरे में फांसी के फंदे से लटकता मिला। इसमें चंद्रभान की मां शांति देवी ने बहू की मां माया देवी, पिता जयचंद्र, बहनोई रवि और दो अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा लिखाया था। आरोप लगाया था कि इन लोगों ने रात में घर आकर बेटे की गला दबाकर हत्या कर दी। फिर उसे फांसी के फंदे से लटका दिया। पुलिस ने हत्या का केस दर्ज करने के साथ ही शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। एसओ अभिलाष तिवारी ने बताया कि पोस्टमार्टम में हत्या की बात सामने नहीं आई है। बल्कि फांसी लगाने की बात पता चली है। इसी आधार पर हत्या के मुकदमे को आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में तरमीम कर दिया गया है।