मंकी पॉक्स के खतरे को देखते हुए शासन ने अलर्ट जारी किया है। जिले में बाहर से आने वाले लोगों की निगरानी के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से ब्लॉकों में तैनात आशा बहुओं को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों को स्वास्थ्य केंद्रों पर पर्याप्त दवाएं उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं।
पश्चिमी अफ्रीका के देशों में पाए जाने वाले मंकी पॉक्स ने अब अपने देश में भी दस्तक दे दी है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने भी इससे निपटने की तैयारी कर ली है। सीएमओ डॉ. संजय कुमार ने बताया कि मंकी पाक्स एक वायरल बीमारी है। इस बीमारी में बुखार आने, शरीर में दाने पड़ने व गिल्टी निकलने के लक्षण दिखते हैं। समय पर सही उपचार मिल जाए तो मरीज तीन से चार दिन के अंदर स्वास्थ्य हो सकता है।
मंकी पॉक्स की रोकथाम के लिए 14 अगस्त को शासन की ओर से अलर्ट जारी किया गया है। बाहर से आने वाले लोगों, खासकर विदेशियों या परदेसियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके मद्देनजर सभी ब्लॉकों के प्रभारी चिकित्साधिकारियों को आदेश दिया गया है। इसमें आशा बहुओं के माध्यम से निगरानी करने के लिए कहा गया है।
आशा बहुओं को निर्देश दिए गए हैं कि अगर, किसी भी गांव या घर में मंकी पॉक्स के लक्षण वाला मरीज मिले तो उसे तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचाएं। ताकि, समय पर सही उपचार हो सके। उन्होंने बताया कि सभी चिकित्साधिकारियों को सीएचसी-पीएचसी में पर्याप्त दवाओं की व्यवस्था कराने के आदेश भी दिए गए हैं।
शासन के निर्देश पर मंकी पॉक्स से बचाव के लिए स्वास्थ्य महकमा सतर्कता बरत रहा है। सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि बाहर से आने वाले लोगों की निगरानी कराएं। आशा बहुओं द्वारा इस बीमारी के बारे में लोगों को बताएं। हालांकि, जिले में अभी तक इसका कोई मरीज नहीं मिला है। -डॉ. संजय कुमार, सीएमओ