यहां कोरोना संक्रमित होने वाले बच्चों के इलाज के लिए वेंटिलेटर, ऑक्सीजन आदि सुविधाएं उपलब्ध हैं। पीकू वार्ड में उपलब्ध सुविधाओं की हकीकत परखने के लिए शासन के निर्देश पर मॉकड्रिल की गई। इसके लिए लखनऊ से आए नोडल अधिकारी डॉ. एमके सिंह दोपहर में जिला अस्पताल पहुंचे।
कोरोना की संभावित तीसरी लहर में संक्रमित होने वाले बच्चों के लिए बनाए गए पीकू (पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट) वार्ड में शुक्रवार को शासन से आई टीम ने मॉकड्रिल किया। इस दौरान एक बच्चे को मरीज बनाकर उसे ट्रीटमेंट दिया गया। कोरोना की तीसरी लहर में एक माह से 15 वर्ष तक के बच्चों के वायरस की चपेट में आने की आशंका के चलते जिला अस्पताल में पीकू वार्ड बनाया गया है।
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यहां कोरोना संक्रमित होने वाले बच्चों के इलाज के लिए वेंटिलेटर, ऑक्सीजन आदि सुविधाएं उपलब्ध हैं। पीकू वार्ड में उपलब्ध सुविधाओं की हकीकत परखने के लिए शासन के निर्देश पर मॉकड्रिल की गई। इसके लिए लखनऊ से आए नोडल अधिकारी डॉ. एमके सिंह दोपहर में जिला अस्पताल पहुंचे। वहां बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विश्व प्रकाश, डॉ. प्रितेश शर्मा सहित फार्मासिस्ट एवं स्टाफ नर्स आदि मॉकड्रिल के लिए पूरी तरह तैयार मिले।
मॉकड्रिल के लिए एक बच्चे को मरीज बनाकर एंबुलेंस से पीकू वार्ड लाया गया। उसे एंबुलेंस से उताकर बेड पर लेटाकर जरूरी उपचार शुरू किया गया। वेंटिलेटर लगाने से लेकर उसकी सेटिंग करने, रीडिंग नोट करने की सारी प्रक्रिया अपनाई गई।
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नोडल अधिकारी ने इस दौरान चिकित्सक और स्टाफ को जरूरी निर्देश दिए। कहा कि यहां भर्ती होने वाले मरीज बच्चे होंगे। ऐसे में उनके साथ प्यार से पेश आएं। इस दौरान डिप्टी सीएमओ डॉ. केडी सिंह, सीएमएस डॉ. दीपक सेठ, डॉ. आलोक, जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. यश अग्रवाल उपस्थित रहे।