माफिया मुख्तार के शव वाहन को शुक्रवार शाम कड़ी सुरक्षा के बीच सिहोरी टोल प्लाजा से जिले का बॉर्डर पार कराया गया। सुरक्षा के मद्देनजर महेवाघाट से लेकर टोल प्लाजा तक हर चौराहे पर पुलिस मौजूद रही। थानों की मोबाइल टीम भी लगाई गई थी, जिससे शव लेकर जा रही फोर्स रास्ता न भटके।
शुक्रवार शाम करीब 7.12 बजे बांदा पुलिस महेवाघाट से शव लेकर जिले के बॉर्डर में प्रवेश की। 10 पुलिस की गाड़ियां शव वाहन के आगे पीछे चल रही थीं। इसमें एक एंबुलेंस, एक अग्निशमन दल की गाड़ी भी साथ चल रही थी।
माफिया के रिश्तेदार भी करीब 10 गाड़ियों में थे। पुलिस ने उन वाहनों को सुरक्षा घेरे के अंदर रखा था। महेवाघाट व मंझनपुर कोतवाली पुलिस ने काफिले को सिहोरी टोल तक पहुंचाया।
टोल प्लाजा पर सीओ सिराथू अवधेश विश्वकर्मा व इंस्पेक्टर कोखराज मौजूद थे। टोल की एक लेन को फ्री करा दिया गया था, जिससे वाहन टोल पर नहीं रुके। महेवाघाट से लेकर सिहोरी टोल प्लाजा तक जितने भी चौराहे पड़ते थे, वहां पर पुलिस फोर्स तैनात की गई थी।
अचानक बदला गया रूट
शुक्रवार सुबह चर्चा थी कि बांदा पुलिस माफिया का शव लेकर फतेहपुर के रास्ते कौशाम्बी में प्रवेश करेगी। इसके बाद अचानक महेवाघाट के रास्ते शव कौशाम्बी लाया गया। आठ बजे के करीब काफिले को बॉर्डर पास करा दिया गया।