राम वन गमन मार्ग के लिए तहसील प्रशासन ने मंगलवार को जमीन खाली कराई। नगर में ओसा चौराहे के पास राम वनगमन मार्ग के लिए चिह्नित भूमि पर बने 12 मकानों पर बुलडोजर गरजा। ध्वस्तीकरण के लिए प्रशासन ने इस जमीन पर काबिज काश्तकारों को पहले से ही नोटिस जारी किया था, लेकिन वे कब्जा नहीं छोड़ रहे थे।
पीडब्ल्यूडी के एनएच डिवीजन की ओर से निर्माणाधीन राम वनगमन मार्ग नगर के ओसा चौराहे से होकर गुजर रहा है। ओसा चौराहे में हाईवे पर ओवरब्रिज का निर्माण प्रस्तावित है। इसके लिए सड़क के दोनों ओर भूमि का अधिग्रहण किया गया है।
अधिग्रहित भूमि पर तमाम मकान भी बने हैं। काश्तकारों को चिह्नित भूमि से कब्जा हटवाने के लिए नोटिस जारी किया था, लेकिन, कब्जा नहीं हटा। इस पर मंगलवार नायब तहसीलदार मोबीन अहमद राजस्व कर्मियों, एनएच डिवीजन के इंजीनियरों व कार्यदायी संस्था के अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे।
महेवाघाट मार्ग पर बृजेश चौरसिया, दिलीप कुमार, बबलू केसरवानी, पप्पू मोदनवाल, शुभम गुप्ता, रेखा देवी, सत्य प्रकाश साहू और शिव भवन समेत अन्य कई काश्तकारों के मकानों पर बुलडोजर चलवाकर हाईवे के लिए जमीन कब्जा मुक्त करवाई। इस दौरान ओसा चौराहे के पास काफी गहमागहमी का माहौल रहा।
इधर मकान टूटा, उधर आया मुआवजा
तहसील प्रशासन ने जिनके मकान तोड़े गए, उनमें कई काश्तकार ऐसे हैं, जिन्हें अभी मुआवजा नहीं मिला है। इसलिए, वह अपने मकान नहीं तोड़ रहे थे। कार्रवाई के दौरान कई लोगों ने विरोध भी किया। लेकिन, अफसरों की मुस्तैदी के कारण विरोध तूल नहीं पकड़ सका। कुछ लोग मुआवजा लेने के बाद भी कब्जा नहीं छोड़ रहे थे। अधिकारी बुलडोजर लेकर पहुंचे तो खुद ही तोड़-फोड़ करने लगे। शायद यह संयोग ही है कि मकान टूटने के बाद बृजेश चौरसिया समेत कई काश्तकारों के बैंक खाते में मुआवजे की धनराशि भी आ गई।
राम वनगमन मार्ग के लिए अधिग्रहित की गई भूमि से काश्तकार कब्जा नहीं हटा रहे थे। इसलिए, मौके पर पहुंच कर कब्जा हटवाया गया है।
मोबीन अहमद
नायब तहसीलदार, मंझनपुर