सरसवां ब्लॉक के उमरावां कोटेदार ने गरीबों को राशन नहीं देकर उसे खुले बाजार में बेच दिया। अधिकारियों की जांच में दुकान में अभिलेखों के अनुरूप राशन नहीं मिला। इस पर कोटेदार के खिलाफ पूर्ति निरीक्षक ने मुकदमा दर्ज करा दिया। अब पुलिस प्रकरण की जांच करेगी।
जिला पूर्ति विभाग के रिकाॅर्ड में उमरावां गांव के कोटे के पास कई माह से भारी मात्रा में राशन का स्टाॅक दिख रहा था। अधिकारियों पर इसके वितरण का दबाव बना था। ऐसे में रविवार को जिला पूर्ति अधिकारी मंगेश कुमार मौर्या ने पूर्ति निरीक्षक शत्रुघ्न सिंह व क्षेत्रीय खाद्य निरीक्षक राजेश मिश्रा को जांच का निर्देश दिया। दोनों ने गांव पहुंचे तो कोटेदार की दुकान बंद मिली।
पूर्ति निरीक्षकों ने किसी तरह कोटेदार कमल सिंह से संपर्क कर दुकान खुलवाई तो वहां से स्टाॅक नहीं था। पूर्ति निरीक्षक ने बताया कि दुकान से 54 क्विंटल गेहूं, 85.7 क्विंटल चावल व 22.13 क्विंटल बाजरा गायब मिला। कोटेदार राशन कम होने को लेकर कोई उचित जवाब नहीं दे सका। इस पर पूर्ति निरीक्षक ने महेवाघाट थाने में तहरीर देकर कोटेदार के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया है।