कौशाम्बी ब्लॉक के बजहा खुर्रमपुर गांव में प्रधान व सचिव ने आरआरसी सेंटर निर्माण के लिए बने एस्टीमेट से अधिक का भुगतान कर लिया। इतना ही नहीं जो काम किया भी वह भी जांच में खरा नहीं उतरा। ऐसे में एडीओ पंचायत ने दोनों के खिलाफ कौशाम्बी थाने में तहरीर दी है।
एडीओ पंचायत जितेंद्र शुक्ला ने बताया कि बजहा खुर्रमपुर में आरआरसी सेंटर का निर्माण हो रहा है। ग्रामीणों की शिकायत पर 11 जनवरी को जांच की गई। इस दौरान प्रधान व सचिव अनुपस्थित थे। आरआरसी सेंटर में पिलर सहित चार फीट की बाहरी दीवार मिली।
मौके पर मौजूद श्रमिक व मिस्त्रियों ने बताया कि सभी 10 दिन से काम कर रहे हैं, जबकि आठ दिन का भुगतान मिला है।
आरआरसी कार्यालय कक्ष व शौचालय लेवल नींव स्तर पर मिला। सेंटर में पानी की व्यवस्था के लिए बोरिंग नहीं हुई। अभी तक मात्र 30 प्रतिशत ही कार्य हुआ है। आहरित धनराशि 7.62 लाख के सापेक्ष तीन लाख का काम ही मौके पर मिला।
आरआरसी सेंटर निर्माण के लिए किसी प्रकार की स्वीकृत नहीं ली गई। प्रधान ने इसके लिए छह लाख के एस्टीमेट बनाए जाने की जानकारी फोन पर दी। यह धनराशि अक्तूबर व नवंबर में ही निकाल ली गई। इसी प्रकार भइया लाल का सोकपिट गलत तरीके से बना है।
इस प्रकरण में प्रधान अनीता यादव व सचिव सुशील सिंह को प्रथम दृष्टया दोषी पाते हुए दोनों के खिलाफ 15 जनवरी को कारण बताओ नोटिस किया गया। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर शनिवार को दोनों के खिलाफ कौशाम्बी कोतवाली में तहरीर दी गई है।