जिले में मंगलवार को न्यूनतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। जोकि, हिमाचल के कुल्लू जिले से भी कम है। यह इस सीजन की सबसे सर्द रात है। दिन का तापमान 16.1 डिग्री दर्ज किया गया। यह भी कुल्लू के अधिकतम तापमान 20.7 से कम है। इस बार की सर्दी में यह दूसरा मौका है जब कौशाम्बी में दिन का तापमान कुल्लू से कम रहा। शीतलहर और घने कोहरे से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है।
कोहरा संग गलन अब भी गले पड़ी है। सर्द हवाएं लोगों के शरीर में नश्तर की तरफ चुभीं। हर कोई ठिठुरता दिखाई दिया। दिन में बाहर निकले लोग भी अलाव खोजते नजर आए। 12 बजे के बाद निकली हल्की धूप भी राहत न दे सकी। चार बजे के बाद सर्दी का सितम बढ़ने लगा। रात होते-होते बाजारों में सन्नाटा पसर गया।
शीतलहर से आम लोग ही नही, पशु-पक्षी भी बेहाल रहे। मंझनपुर चौराहे, ओसा और समदा चौराहा समेत जहां भी अलाव जलते हैं, वहां रात में मवेशी आग घेरकर बैठ जाते हैं। पूरी रात अलाव के पास ही बिताते हैं।
बंबुरा निवासी सुनील मिश्रा कहते हैं कि सर्दी तो पिछले साल भी पड़ी थी, लेकिन तेवर ऐसे नहीं रहे। कुछ दिन कोहरा पड़ने के बाद मौसम साफ हो गया था। कम से कम दिन में तो धूप राहत दे देती थी। इस बार तो कई दिन से ऐसी धूप मिली ही नहीं जो सर्दी में कुछ सुकून दे सके।
घना का पूरा के अयोध्या प्रसाद ने बताया कि सुबह से धूप निकलने की राह देख रहा था। दोपहर बाद धूप खिली, लेकिन राहत नहीं मिली। कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ. मनोज कुमार सिंह ने बताया कि इस मौसम का यह सबसे ठंडा दिन रहा है। बुधवार को पारा कुछ चढ़ेगा, लेकिन गलन बनी रहेगी।
चार दिन ऐसा ही रहेगा मौसम, धूप होगी कमजोर
मौसम विज्ञानी प्रो. एचएन मिश्रा ने बताया कि अधिकतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। इसके पीछे बड़ा कारण पछुआ आघात का प्रभाव है। इसमें भूमध्य सागर से आने वाली हवाएं हिमालय होते हुए मैदानी इलाकों में पहुंचती है। जिससे ठंड में इजाफा होता है। आने वाले चार से पांच दिनों तक मौसम ऐसे ही बना रहेगा।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के वातावरण एवं समुद्र विज्ञान विभाग के डॉ. शैलेंद्र राय का कहना है कि एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण पहाड़ों पर लगातार बर्फबारी हो रही है। इसके कारण सर्दियों का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। धूप निकली भी तो कमजोर होगी।
घरों में कैद हुए बच्चे, छात्र-छात्राएं भी परेशान
कांशीराम कालोनी की रहने वाली सविता देवी कहती हैं कि घर में एक सात साल का बेटा और एक पांच साल की बेटी है। सर्दी के कारण कहीं बीमार न पड़ जाएं, इसलिए कई दिन से इन्हें बाहर नहीं निकला। बच्चे भी घर में कैद होकर रह गए हैं।
कादीपुर के रहने वाले मनोज केसरवानी ने बताया कि इस बार यूपी बोर्ड की इंटर की परीक्षा देनी है। भरवारी में कोचिंग पढ़ता है। कादीपुर से भरवारी तक जाने में ही सर्दी के कारण हालत खराब हो जाती है। कोचिंग पहुंचने के बाद उंगलियां काम ही नहीं करतीं। लिखना-पढ़ना मुश्किल हो जाता है।