एथलीट कौशल्या का परिवार जिम्मेदारों की अनदेखी के कारण सरकारी योजनाओं से वंचित रहा। लेकिन अब इनकी मदद की कवायद तेज हो गई है। एसडीएम मंझनपुर ने तहसीलदार को परिवार से संपर्क करने का निर्देश दिया है। ताकि उन्हें योजनाओं का लाभ मिल सके। अब परिवार के लोगों की भी आस जगी है। उन्हें उम्मीद है कि शायद अब उनकी कठिनाइयां कम हो सकें। परिजनों ने बताया कि योजनाओं के लाभ के नाम पर उन्हें बस राशन कार्ड का सहारा है।
पश्चिम पूरबशरीरा नगर पंचायत के भरोसे का डेरा निवासी कौशल्या एथलीट हैं। प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता में तीसरा स्थान पाने के बाद भी उनको वह सम्मान नहीं मिला, जिसकी वह हकदार हैं। डाइट पूरी करने के लिए उन्हें ईंट-भट्ठे और फैक्टरी में काम करना पड़ता है। उसके परिवार को सरकारी योजना के नाम पर अब तक केवल राशन कार्ड ही मिला है। माता- पिता को पेंशन, आवास योजना का लाभ और गोल्डन कार्ड आदि उसे नहीं मिला है। वहीं, एसडीएम मंझनपुर ने कौशल्या के परिवार से संपर्क कर योजनाओं का लाभ दिलाने का निर्देश दिया है।
पिता बच्चीलाल ने बताया कि करीब सात साल पहले उनका मजरा पूरबशरीरा ग्राम पंचायत का हिस्सा था। उन्होंने आवास के लिए आवेदन किया था। लेकिन प्रधान की वजह से वह योजना से वंचित रह गए। दो साल पहले उन्होंने वृद्धा पेंशन के लिए आवेदन किया। वह भी निरस्त हो गया। गोल्डेन की उन्हें जानकारी तक नहीं है।
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- कौशल्या जहां रहती है वह अब नगर पंचायत का हिस्सा है। यहां ग्राम पंचायत से योजनाओं का लाभ नहीं दिया जा सकता है। करीब सात साल पहले उसके परिवार को आवास क्यों नहीं मिला। यह बता पाना कठिन है।- राकेश सिंह, बीडीओ सरसवां
- कौशल्या के परिवार से संपर्क कर उनकी समस्याओं को समझा जाएगा। योजनाओं का लाभ क्यों नहीं मिला, इसकी जानकारी के लिए तहसीलदार को निर्देश दिया गया है। जल्द ही कौशल्या के परिवार को सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। - आकाश सिंह, एसडीएम मंझनपुर