पिपरी कोतवाली के रेही गांव में पुराने गहने और बर्तन को चंद मिनट में चमकाने का झांसा देकर लाखों महिला ठगाें ने लाखों का डेरा पार कर दिया। ठगी की जानकारी होने पर संदिग्ध महिलाओं की तलाश की गई, लेकिन कोई पता नहीं चल सका। हालांकि, किसी ने अभी मामले की शिकायत पुलिस से नहीं की है।
रेही गांव में तीन-चार दिन से कुछ संदिग्ध महिलाएं गांव में घूम रही थीं। यह महिलाएं पीतल, तांबे के बर्तन और गहनों को चंद रुपए लेकर साफ करने का झांसा दे रही थीं। बुधवार सुबह करीब 11 बजे गांव के राजू यादव के घर पहुंचीं इन महिलाओं ने उसकी पत्नी गणेशी देवी से गहने-बर्तन साफ करने के लिए मांगे। झांसे में आकर गणेशी ने सोने का मंगल सूत्र, चांदी की पायल, छागल, टॉप्स आदि करीब 90 हजार रुपये कीमत के गहने थमा दिए। गणेशी को देख पड़ोसन रुक्मिणी ने भी करीब 80 हजार रुपये कीमत के गहने-बर्तन व संतोष यादव की पत्नी रिंकी ने लगभग 20 हजार रुपये के गहने दे दिए। तीनों से तकरीबन दो लाख रुपये के गहने-बर्तन समेटने के बाद महिलाएं कुछ देर में सफाई कर वापस लौटाने का झांसा देकर चंपत हो गईं। काफी देर तक संदिग्ध महिलाएं वापस नहीं आईं तो पीड़िताओं ने इसकी जानकारी परिजनों को दी। खोजबीन के बाद भी संदिग्ध महिलाओं का कोई पता नहीं चलने पर पीड़ितों को ठगी का एहसास हुआ। पूर्व ग्राम प्रधान हरिश्चंद्र यादव ने बताया कि इनके अलावा भी गांव की पांच-छह महिलाएं ठगी का शिकार हुई हैं। थाना प्रभारी बलराम सिंह ने ऐसी किसी जानकारी से इन्कार किया है। थानाध्यक्ष का कहना है कि शिकायत मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।