मंझनपुर। कौशाम्बी कोतवाली के कोसम इनाम गांव में धर्मांतरण का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। शनिवार को इंटेलिजेंस ब्यूरो की टीम ने कोसम इनाम में पीड़ित और ग्रामीणों के बयान दर्ज किए। रविवार को इसी मामले में सीओ सदर भी गांव पहुंचे और लोगों से पूछताछ की।
कोसम इनाम गांव के पंछी लाल ने पुलिस अफसरों को दिए गए शिकायती पत्र में बताया कि 6 माह पहले उसकी तबीयत खराब थी। शरीर में झुनझुनाहट होती थी। इस पर गांव में चंगाई सभा का आयोजन करने वाले बीमारी ठीक करने के बहाने उसे सभा में बुला ले गए और पैसे का लालच देकर उसका धर्मांतरण करा दिया। आरोप है कि दो हजार रुपये देने के बाद उसे कहा गया कि 6 माह बाद जब तुम पक्के हो जाओगे तो आठ हजार रुपये और दिए जाएंगे।
आरोप है कि उन लोगों ने उसके घर में रखी देवी-देवताओं की मूर्ति को भी ले जाकर यमुना में फेंक दिया। इसाई धर्म को मानते हुए जब छह माह पूरा हो गए तो वह पैसे मांगने गया। इस पर आरोपियों ने उसकी पिटाई की और कहीं शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित की शिकायत पर एसपी ने मामले की जांच शुरू करा दी है।