मेडिकल कॉलेज में बाल रोग विशेषज्ञ कक्ष के बाहर बैठे मरीज। संवाद
मौसम का बदला मिजाज और अचानक बढ़ी गर्मी बच्चों की सेहत पर भारी पड़ रही है। सर्दी-जुकाम ही नहीं बच्चों को डायरिया संग बुखार जकड़ रहा है। पीड़ितों की संख्या हर दिन बढ़ती ही जा रही है। 20 दिन के अंदर बीमार बच्चों की संख्या करीब दोगुनी हो गई है।
मेडिकल कॉलेज में बाल रोग विभाग की ओपीडी में वर्तमान में प्रतिदिन करीब 70 से 100 बीमार बच्चे पहुंच रहे है। जबकि, 20 दिन पहले तक इनकी संख्या 40 से 60 के बीच थी। बीमार बच्चों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है। पीड़ित बच्चों में छाती में जकड़न, खांसी और पसली चलने की शिकायत भी है। उल्टी-दस्त तो आम बात हो गई है।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विश्वप्रकाश ने बताया कि गर्मी की वजह से बच्चे अधिक बीमार हो रहे हैं। बच्चों को बुखार और डायरिया सबसे ज्यादा परेशान कर रहा है। दिन में धूप और रात में ठंडी हवाएं बच्चों की सेहत पर भारी पड़ रही हैं। ओपीडी मेंं शनिवार को भी करीब 80 बच्चे आए। इनमें 11 बच्चे डायरिया से पीड़ित रहे। 20 बच्चा रोगी बुखार के थे। इसके अलावा अन्य बच्चे पेट दर्द, जकड़न आदि बीमारियों से पीड़ित रहे।
खान-पान का रखें खयाल, धूप में जाने से रोकें
डॉ. विश्वप्रकाश कहते हैं कि गर्मी के साथ बच्चों के बीमार होने की एक बड़ी वजह अनियमित खानपान है। बच्चों को स्वस्थ रखने के लिए इस पर ध्यान देना होगा। बच्चों को धूप में ले जाने से बचें। अगर, जाना भी पड़े तो छाते का प्रयोग करें। धूप से बचाव के लिए फुल आस्तीन के कपड़े पहनाएं। फास्ट फूड या बाजार के अन्य खाद्य पदार्थों से दूर रहें। जितना अधिक हो सके, उतना तरल पेय पदार्थ बच्चों को दें। बाजार के जूस की जगह घर की बनी लस्सी, जूस आदि दें। खाने में मौसमी व हरी सब्जियों का प्रयोग करें।