मेडिकल कॉलेज में रोजाना आ रहे 35 से 40 रोगी, 20 दिन पहले आते थे 10 से 15 मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। मौसम के तीखे मिजाज ने लोगों को नेत्र रोगी बनाना शुरू कर दिया है। गर्मी के कारण आंखों में जलन, खुजली और लालपन की समस्या बढ़ गई है। मेडिकल काॅलेज में इनके रोगी पहले भी आते थे, लेकिन 20 दिन के अंदर इनकी संख्या करीब चार गुना हो गई है।
बीते कुछ दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी आंखों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग की ओपीडी में इसका प्रभाव दिख रहा है। यहां रोजाना करीब 100 से 150 मरीज आते हैं। मरीजों की तादाद अब भी वही है, लेकिन रोग बदल गए हैं। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. हेमंत यादव ने बताया कि पहले मोतियाबिंद के नए व पुराने रोगी ज्यादा आते थे। अब इनकी संख्या घट गई है। इनकी जगह आंखों में जलन, खुजली व लालपन के रोगी बढ़ गए हैं। रोज 30 से 35 मरीज इनसे परेशान होकर आ रहे हैं। डॉ. हेमंत बताते हैं कि तेज, धूप और गर्मी की वजह से यह दिक्कतें बढ़ रहीं हैं। हालांकि, कुछ दिन के उपचार से यह ठीक भी हो जाती हैं। लेकिन, समय पर सही उपचार न मिलने के कारण दिक्कत बढ़ भी सकती है। इसलिए, लोगों को एहतियात बरतनी चाहिए।
नेत्र रोगों से बचने को इन बातों का रखें खयाल
जितना हो सके उतना तेज धूप में जाने से बचे।
धूप में निकले तो काले चश्मे व टोपी का प्रयोग करें।
थोड़ी-थोड़ी देर में आंखों को ठंडे पानी से धोते रहें।
शरीर में पानी की कमी न होने दें, इससे आंखें भी प्रभावित होंगी।
खीरा, ककड़ी, तरबूज आदि मौसमी फलों व सब्जियों का सेवन करें।
आंखों में खुजली या जलन होने पर उन्हें रगड़े नहीं, बल्कि पानी से धोएं।
आंखों में दिक्कत होने पर घरेलू इलाज न करें, चिकित्सक की सलाह लें।