इलाहाबाद के अमरूद का नाम सुनने ही शौकीनों के मुंह में पानी आ जाता है। सेब जैसे सुर्खा अमरूद का उत्पादन कौशाम्बी में ही होता है। खासकर सुर्खा प्रजाति के अमरूद की बाहरी जिलों में भी खासी मांग है। इस बार अमरूद पर मौसम की मार है। इस वजह से उत्पादन घट गया और सुर्खा ही नहीं सफेदा अमरूद के दाम बढ़े हैं। अमरूद के शौकीनों को जेब ढीली करनी पड़ रही है।
सुर्खा अमरूद का उत्पादन जिले में हाईवे किनारे व चायल क्षेत्र में अधिक होता है। जिले में करीब 850 हेक्टेयर में अमरूद के बाग हैं। इस बार अमरूद के बागों में उत्पादन कम हुआ है। इसके पीछे मौसम को मुख्य कारण माना जा रहा है।
किसानों के मुताबिक इस बार वर्षा के कारण उत्पादन प्रभावित हुआ है। उद्यान निरीक्षक प्रमोद कुमार ने बताया के आम तौर पर जहां 80 से 90 प्रतिशत पेड़ों में फल आते थे। वहीं इस बार 20 से 25 प्रतिशत की पेड़ों में ही फल लगे हैं। कम उत्पादन की वजह से अबकी अमरूद बाजार में ज्यादा दाम पर बिक रहा है।
सावनी अमरूद वर्षा के कारण किसानों ने देर तक पेड़ों में रहने दिया। इस बार जब अमरूद फूल में रहा तो बरसात हो गई। ऐसे में उत्पादन कम हुआ। अगले सीजन में पेड़ों को अधिक समय मिलेगा तो उत्पादन अच्छा होगा। - डॉ. मनोज कुमार सिंह, कृषि वैज्ञानिक
- इस बार देर तक वर्षा होती रही। इस वजह से अमरूद के पैधों में फूल नहीं लगे। उत्पादन प्रभावित होने की असली वजह है। सुर्खा की मांग ज्यादा है, इसलिए दाम भी तेज हैं। - लल्लू, बागवान
उत्पादन कम होने के कारण अमरूद की मांग हम लोग पूरी नहीं कर पा रहे हैं। इस कारण दाम तो अच्छा मिल रहा है, लेकिन लाभ कम हो रहा है। - दिनेश कुमार सोनकर, बागवान
अंदावा गांव स्थित अमरूद की बाग। संवाद
अंदावा गांव स्थित अमरूद की बाग। संवाद