भरवारी में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था के नाम पर सरकारी धन का बंदरबाट
भरवारी में 450 मीटर पाइप लाइन बिछाकर 1650 मीटर का कराया भुगतान
संवाद न्यूज एजेंसी
भरवारी। भरवारी में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था के नाम पर सरकारी धन का बंदरबाट किया गया। वार्ड नंबर 14 नबीपुर मोहल्ला के करीब एक हजार लोग सरकारी बजट की इसी हेराफेरी के चलते पानी के लिए तरस रहे हैं। जबकि पानी की उपलब्धता के लिए पालिका के खजाने से 18 लाख रुपये डेढ़ साल पहले ही निकाले जा चुके हैं।
वार्ड नंबर 14 सौहार्द नगर के नबीपुर मोहल्ले में पेयजल की समस्या है। करीब एक हजार आबादी के बीच तीन इंडिया मार्का हैंडपंप है, जिनमें से केवल एक ही काम कर रहा है। दो हैंडपंप खराब पड़े है। सौहार्द नगर में नगर पालिका परिषद की ओर से नया पंप हाउस बनवाया गया है। इसी से नबीपुर मोहल्ले को जोड़ा जाना था। पंप हाउस से नबीपुर के बीच 1650 मीटर पाइप लाइन बिछाने का टेंडर वर्ष 2020-21 में हुआ। नबीपुर से काम की शुरुआत हुई, लेकिन वह पूरा नहीं हो सका। तत्कालीन अभियंताओं से साठगांठ कर ठेकेदार ने 18 लाख रुपये का भुगतान करा लिया, जबकि पाइप लाइन केवल 450 मीटर ही बिछाई।
इस तरह पेयजल योजना के नाम पर अभियंता और ठेकेदार ने मिलकर सरकारी बजट का बंदरबाट कर लिया। जिसका खामियाजा अब मोहल्ले वासियों को भुगतना पड़ रहा है। पानी की समस्या से जूझ रहे लोग नगर पालिका परिषद और उसके कर्मचारियों को कोस रहे हैं।
दो साल पहले पाइप लाइन बिछाने का काम शुरू हुआ था, लेकिन ठेकेदार काम आधा अधूरा छोड़ कर भाग गया। इसके कारण पानी की आपूर्ति की व्यवस्था नहीं हो पाई है। सरकारी हैंडपंप भी पानी नहीं दे रहे हैं।-असलम
मोहल्ले में पाइप लाइन तो बिछी है, लेकिन काम पूरा नहीं होने के कारण वह पंप हाउस से जुड़ी नहीं है। देखते-देखते करीब डेढ़ से दो साल बीत गए। अब तक पाइप लाइन चालू नहीं हुई। इससे परेशानी हो रही है।- अदालती प्रसाद
नबीपुर में पानी की बड़ी समस्या है। पाइप लाइन का काम शुरू हुआ था तो इसके दूर होने की उम्मीद जगी थी, लेकिन अभियंताओं और ठेकेदारों की मनमानी ने इस पर पानी फेर दिया।-नरेश कुमार
पाइप लाइन बिछाने के नाम पर सरकारी धन का बंदरबाट किया गया है। प्रशासन को इसकी जांच कराकर ठेकेदार और भुगतान करने वाले अभियंता पर कार्रवाई करनी चाहिए। जिससे दूसरों को भी सबक मिल सके।- अर्जुन लाल
करीब 18 महीने से नगर पालिका में नहीं हूं। पहले वहां था, तब रनिंग पेमेंट किया था। इसमें काम होता रहता है और भुगतान हो जाता है। इससे ज्यादा जानकारी तो दस्तावेज देखकर बताया जा सकता है।- उमेश कुमार, तत्कालीन अवर अभियंता
बिना पाइप लाइन बिछवाए भुगतान कराने का मामला संज्ञान में नहीं है। इसकी जांच कराई जाएगी। कहीं कोई गड़बड़ी मिली तो दोषियों पर कार्रवाई भी होगी।- दीपेंद्र यादव, एसडीएम नगर प्रशासक