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Kaushambi News: महिला बंदियों को दिया शाल, बच्चों को बांटी फल व किताबें

Sat, 23 Dec 2023 12:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
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मंझनपुर। प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने शुक्रवार दोपहर जिला कारागार का निरीक्षण किया। इस दौरान सारा फोकस महिला बंदियों पर रहा। उन्होंने बैरक जाकर बंदियों का हाल जाना। इसके बाद राजभवन से लाए गए शाल की सौगात दी। जिन महिला बंदियों के साथ छोटे बच्चे थे, उन्हें किताबें व फल दिया गया। इसके बाद राज्यपाल जिला अस्पताल पहुंची। टीबी वार्ड में भर्ती इचौली के कन्हईलाल, टीकरडीह के मेवालाल से हालचाल के साथ ही अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। मरीजों को पोषण किट व फल वितरित किया। इसी तरह पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती डेढ़ साल के पार्थ साहू, रियांशी और नीरज से मिलीं। इनके परिजनों के साथ ही चिकित्सकों से बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। परिजनों को फल एवं बच्चाें को चॉकलेट भी वितरित किया। एमसीएच विंग में सर्जिकल वार्ड में भर्ती महिला मरीजों से भी स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। इस दौरान सांसद विनोद सोनकर, जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना सोनकर, पूर्व विधायक शीतला प्रसाद उर्फ पप्पू पटेल, डीएम सुजीत कुमार, एसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव, सीएमओ डॉ. सुष्पेंद्र कुमार, सीएमएस डॉ. एसके शुक्ला आदि लोग मौजूद रहे।
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सौगंध लें, दहेज की मांग करने वालों का करेंगे विरोध : राज्यपाल
राज्यपाल के साथ महामाया डिग्री कॉलेज के छात्र- छात्राओं ने भी जिला कारागार का भ्रमण किया। छात्राओं ने महिला बंदियों से बातचीत की। महामहिम ने छात्राओं से पूछा कि जेल में क्या देखा, क्या परखा और क्या सीखा। इस पर छात्र-छात्राओं ने बताया कि हम लोगों ने महिला बंदियों से मिलकर पूछा कि आपको अपने अपराध का पश्चाताप हो रहा है या नहीं? राज्यपाल ने कहा कि जेल में ज्यादातर महिलाएं दहेज उत्पीड़न के मामले में बंद हैं। इसलिए सौगंध लें कि, दहेज का लेनदेन करने वालों का विरोध करेंगे। महामहिम ने कहा कि आप लोगों ने जो कुछ भी यहां देखा, परखा एवं सीखा उसे निबंध के रूप में लिखें तथा और लोगों को भी बताएं।

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बंदी चला रहे थे कंप्यूटर, महिलाएं सीख रहीं थी सिलाई
जिला कारागार के निरीक्षण के दौरान राज्यपाल ने देखा कि बंदी कंप्यूटर सीख रहें हैं। महिलाएं सिलाई-कढ़ाई सीख रहीं हैं। जेल अधीक्षक भूपेश सिंह ने बताया कि बंदियों को हुनरमंद बनाया जा रहा है। जिससे वह जेल से रिहा होने के बाद बेहतर जीवन जी सकें। इस पर राज्यपाल ने उनके प्रयास की सराहना की।
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