पूरब शरीरा माइनर में कटी नहर की पटरी। संवाद
सरसवां ब्लॉक के खरौना गांव में तालाब भरने के लिए मत्स्य पालकों ने बड़ी नहर काट दिया। इससे किसानों की तकरीबन 30 बीघे फसल जलमग्न हो गई।
किशुनपुर पंप कैनाल से निकली बड़ी नहर को खरौना गांव के मत्स्य पालकों ने तालाब भरने के लिए शुक्रवार को काट दिया। नहर की पटरी काटकर मत्स्य पालकों ने तालाब तो भर लिया लेकिन दोबारा उसे बांधना भूल गए।नतीजतन आसपास की करीब 80 बीघे धान की फसल पानी में डूब गई।
खरौना गांव के किसान लल्ला प्रजापति, घोसरा के छोटेलाल, सरपतही के अवधेश कुमार व बजरंगी ने बताया कि खेतों में नहर का पानी भर गया है। इसके अलावा लगातार बारिश भी हो रही है। इससे फसल बर्बाद होने का खतरा बढ़ गया है।खराब होने का खतरा है।
किसानों का आरोप है कि शनिवार को ही सूचना देने के बावजूद माइनर के बेलदार ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया। एक्सईएन सिंचाई जगदीश लाल का कहना है कि उन्हें ऐसी कोई जानकारी नहीं है। फिर भी यदि ऐसा कुछ है तो बुधवार को कर्मचारी भेजकर नहर की पटरी बंधवाने के साथ ही आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।