खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वाले 10 व्यापारियों पर 1.05 लाख जुर्माना लगाया गया है। एफएसडीए के मुकदमे की सुनवाई के बाद एडीएम न्यायालय ने यह अर्थदंड लगाया है। 15 दिन के अंदर यह धनराशि जमा न करने पर व्यापारियों के खिलाफ आरसी जारी की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की ओर से दुकानों में छापा मारा गया था। एफएसडीए ने 20 जनवरी को चक मानिकपुर सैय्यद राजे स्थित मनोज कुमार की दुकान से पनीर, सात मार्च को फरीदपुर चकतारपुर स्थित यादव डेयरी से दूध, 19 मार्च को पइंसा के कुलवापुर स्थित अयान डेयरी से पनीर, 21 मार्च को कटरा सरायअकिल स्थित नारायण दास की दुकान से जीरा, सरायअकिल की गुड़मंडी स्थित रामदेव केसरवानी की दुकान से बेसन, सोधिया निवासी शुभ कुमार की दुकान से खोवा के नमूने लिए थे।
पिछले साल छह जून को बहुंगरी, सरायअकिल निवासी रामप्रसाद की दुकान से जूस, 19 नवंबर को बरौला स्थित दिनेश सिंह की दुकान से खोवा, 13 दिसंबर को मंझनपुर में ओसा रोड स्थित श्रीनाथ डेयरी से पनीर और 12 मार्च 2022 को करारी के अशोक नगर निवासी विमल कुमार की दुकान से बर्फी का सैंपल लिए थे। एफएसडीए ने इन्हें प्रयोगशाला भेजा था। जहां जांच हुई तो इन खाद्य पदार्थों में मिलावट पाई गई। जांच रिपोर्ट आने के बाद विभाग ने अपर जिलाधिकारी न्यायालय में इन व्यापारियों के खिलाफ मुकदमा दायर किया था।
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एक पर 15 और नौ पर 10-10 हजार का अर्थदंड
सहायक आयुक्त खाद्य ममता चौधरी ने बताया कि खाद्य पदार्थों में मिलावट में व्यापारी शुभ कुमार पर 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। शेष नौ व्यापारियों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगा है। व्यापारियों को 15 दिन में जुर्माने की राशि जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान अगर धनराशि जमा न हुई तो आरसी जारी कर भू-राजस्व के तहत वसूली कराई जाएगी।