पश्चिमशरीरा। पुरानी बाजार के हनुमान मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ के पहले दिन कथा व्यास कुलदीप ने भगवान के 24 अवतारों की चर्चा की।
बताया कि जब द्वारिका नगरी के डूबने तथा श्रीकृष्ण के अपने धाम लौट जाने की खबर सुनकर पांडव बेचैन हो उठे तथा माता कुंती ने समाधि में बैठकर अपने प्राण त्याग दिए। इसके बाद पांडव अपने पौत्र तथा अभिमन्यु के पुत्र परीक्षित को हस्तिनापुर की गद्दी पर बिठाकर महाप्रयाण के लिए चले गए। उन्होंने कहा कि हर इंसान को जरूरतमंदों की मदद करनी चाहिए। इस दौरान विश्वनाथ केसरवानी, राजीव केसरवानी,राजेश केसरवानी, कृष्णचंद, बनवारी लाल आदि मौजूद रहे। संवाद