मेडिकल कॉलेज में 18.81 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू) का काम बजट के चक्कर में आगे नहीं बढ़ पा रहा है। फरवरी में स्वीकृति मिली। पर साढ़े चार महीने में भवन की नींव भी नहीं भर पर पाई है। अधिकारी कहते हैं कि नए सीएमओ आएं तो पैसा मिले।
जिला अस्पताल को पिछले साल मेडिकल कॉलेज घोषित किया गया। चिकित्सकों की संख्या भी लगातार बढ़ाई जा रही है। मेडिकल कॉलेज परिसर में सीसीयू बनवाई जा रही है। ताकि गंभीर रोगियों को इलाज के लिए प्रयागराज न जाना पड़े। लेकिन सीसीयू कब तक बनकर तैयार होगी, इस पर कुछ कहा नहीं जा सकता।
सीसीयू के निर्माण की जिम्मेदारी सीएंडडीएस (कंट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज) को दी गई है। सीएंडडीएस ने लखनऊ की कंपनी मेसर्स राज कंस्ट्रक्शन को इसका ठेका दिया है। मार्च में कार्यदायी संस्था ने काम भी शुरू किया था। लेकिन अब तक महज सात फीसदी काम हो सका है। शासन से जारी बजट आगे न बढ़ पाया।
नए सीएमओ का इंतजार
जुलाई के पहले सप्ताह में ही शासन ने सीसीयू के लिए स्वास्थ्य विभाग को 1.88 करोड़ रुपये दिए थे। जिले में तैनात सीएमओ डॉ. सुष्पेंद्र कुमार का 62 साल की आयु पूरी करने पर कार्यकाल पूरा हो गया है। शासन ने उनके वित्तीय अधिकारों पर पाबंदी लगा दी है। सिर्फ प्रशासनिक कार्य देख रहे हैं। इसके चलते बजट स्वास्थ्य विभाग के खाते में ही पड़ा है। अब नए सीएमओ के आने का इंतजार है।
बजट की कमी की वजह से सीसीयू के निर्माण का काम अटक रहा है। जुलाई के पहले सप्ताह में कुछ बजट मिला था, लेकिन स्वास्थ्य विभाग से वह भी जारी नहीं किया।
डॉ. सर्वेश वर्मा
प्रोजेक्ट मैनेजर, सीएंडडीएस
सीसीयू के लिए बजट आया है, लेकिन शासन से लगी रोक के चलते भुगतान नहीं हो पाया। मेरा स्थानांतरण हो गया है। जिले में चार्ज संभालने के बाद नए सीएमओ द्वारा भुगतान किया जाएगा।
- डॉ. सुष्पेंद्र कुमार
निवर्तमान सीएमओ