सीएम योगी ने 10 अक्तूबर तक प्रदेश की सड़कों को गड्ढामुक्त करने का आदेश दिया था। लेकिन अब दावे फेल होते नजर आ रहे हैं। 15 दिन बीतने के बाद जिले की 50 फीसदी से ज्यादा सड़कें आज भी गड्ढे में हैं। इन दिनों में सिर्फ धार्मिक स्थलों और दुर्गा प्रतिमाओं की यात्रा वाले मार्गों को दुरुस्त किया जा सका है। वहीं, सुस्त व्यवस्था को देखते हुए शासन ने 31 अक्तूबर तक की मोहलत दी है।
जिले में पीडब्ल्यूडी का प्रांतीय और निर्माण दो खंड हैं। दोनों खंडों की जिले में 1883 किलोमीटर लंबी 713 सड़कें हैं। इनमें लगभग 245 सड़कों को गड्ढा मुक्त किया जाना है। प्रांतीय खंड की 30 फीसदी सड़कें दुरुस्त हुईं हैं। जबकि निर्माण खंड की 25 फीसदी ही। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का कहना है कि शेष बची सड़कें 31 अक्तूबर से पहले गड्ढा मुक्त करा दी जाएंगी।
इन सड़कों पर चलना है दुश्वार
जिला मुख्यालय में ओसा से धाता रोड तक जाने वाली माइनर की पटरी पर बनी सड़क पिछले करीब 10 साल से बदहाल है। टेवां से पश्चिमशरीरा के बीच की सड़क पर कई जगह गड्ढे हैं। मंझनपुर से बेनीराम कटरा को जाने वाले रास्ते पर भी जगह-जगह गड्ढे हैं। जबकि, दो साल पहले इसे बनवाया गया था।
गड्ढा मुक्त अभियान में अहम सड़कों की हो रही अनदेखी
नन्हुआ का पुरवा के अशोक और भेलखा के अशोक सिंह के कहा कि अहम सड़कों की मरम्मत में अनदेखी हो रही है। यही कारण है कि ओसा-धाता मार्ग सालों से बदहाल है। समदा के जितेंद्र कुमार ने कहा कि दो साल पहले समदा-बंबूपुर मार्ग की सड़क बनी थी। जिस पर कई जगह गड्ढे हैं। जिस वजह से आवागमन में परेशानी होती है।
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शासन से 31 अक्तूबर तक सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने का समय मिला है। काम तेजी से चल रहा है। तय समय पर सभी सड़कें दुरुस्त कराने का प्रयास किया जाएगा।
डीसी भास्कर
एई, पीडब्ल्यूडी