कस्बे में सड़क और फुटपाथ पर हुए अतिक्रमण ने राहगीरों का चलना दूभर कर दिया है। सबसे बड़ी समस्या टैक्सी और ई-रिक्शा की मनमानी पार्किंग से हो रही है। रही सही कसर ठेले पर फल व अन्य सामग्री बेचने वाले पूरी कर देते हैं।
सिराथू से मंझनपुर और धाता दो रूटों पर तिपहिया व ऑटो का संचालन होता है। कस्बे के राधेश्याम ने बताया कि नगर पंचायत की ओर से दोनों मार्गों पर टैक्सी खड़ा करने के लिए स्थान चिन्हित किया गया है, लेकिन टैक्सी चालक वहां पर वाहन खड़े नहीं करते।
लालचंद्र केसरवानी ने बताया कि नगर की ज्यादातर सड़कों पर अतिक्रमण का बोलबाला है। सवारियों के चक्कर में टैक्सी चालक स्टैंड छोड़कर नगर के भीड़भाड़ वाले इलाके में पहुंच जाते हैं, तो जाम की समस्या और भी विकराल हो जाती है।
रिंकू तिवारी कहते हैं कि ओवर ब्रिज की ढाल पर ई-रिक्शा इस तरह से खड़े रहते हैं कि वाहनों का निकलना मुश्किल हो जाता है। वहीं ओवर ब्रिज के नीचे सड़क पर फल व अन्य ठेले वाले कब्जा जमाए रहते हैं। रही-सही कसर व्यापारी व अन्य लोग अपने चार पहिया वाहन खड़ी करके पूरी कर देते हैं।
सुभाष चंद्र केसरवानी का कहना है कि कस्बे में जाम की समस्या को लेकर न नगर पंचायत गंभीर है और न ही पुलिस-प्रशासन, जिसका खामियाजा नगरवासियों को भुगतना पड़ रहा है।
ओवरब्रिज के आसपास टेपों व अन्य टैक्सी वाहन खड़े होने से पूरे दिन जाम लगता है। इससे व्यापार भी प्रभावित हो रहा है।
आकाश केसरवानी, सिराथू
सोंचा था कि रेलवे क्राॅसिंग पर रेल ओवरब्रिज बनने के बाद जाम से छुटकारा मिल जाएगा, लेकिन समस्या फिर भी बरकरार है।
रोहित शुक्ला, सिराथू
पूर्व में अभियान चलाकर अतिक्रमण हटवाया गया था, लेकिन फिर से समस्या आ गई है। जल्द ही कब्जेदारों पर कार्रवाई की जाएगी। टैक्सी निर्धारित स्थानों पर खड़ी कराई जाएंगी।
सुभाष चंद्र सिंह
ईओ, नगर पंचायत, सिराथू
सिराथू कस्बे में ओपर ब्रिज के पास लगा जाम। संवाद
सिराथू कस्बे में ओपर ब्रिज के पास लगा जाम। संवाद