उपभोक्ता आयोग ने मामले में बिजली विभाग को बिल माफ करने का दिया आदेश
दस साल की भागदौड़ के बाद भी नहीं हो पाया कनेक्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। टेवां के मो. हुसैन ने 10 साल पहले बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया। विभाग के चक्कर काटते रहे, पर पोल से घर तक तार न जुड़ पाया। अब उनकी मौत के बाद करीब 78 हजार रुपये बकाए का नोटिस भेज दिया गया। मामला उपभोक्ता आयोग पहुंचा तो लापरवाही सामने आई। आयोग ने बिल माफ करते हुए पीड़ित परिवार को राहत दी है।
सदर तहसील के टेवां गांव की साबिरा बानो ने उपभोक्ता आयोग में परिवाद दायर कर बताया कि उसके पति मो. हुसैन ने अपने जीवनकाल में बिजली विभाग से वर्ष 2013 में कनेक्शन संख्या- केबी-2-38142 लिया था। लंबी भागदौड़ के बाद भी बिजली विभाग कनेक्शन नहीं जोड़ सका। इसी बीच उनके पति की मौत हो गई। अब दस साल बाद उसी कनेक्शन पर 77803 रुपये का बिल भेज दिया गया। जबकि, उसने कभी बिजली का उपभोग ही नहीं किया।
बिजली विभाग की तरफ से दावा किया गया कि उपभोक्ता का खाता संख्या - 751740784903 है। निरीक्षण के दौरान वह बंद मिला। उपभोक्ता ने 2022 में छह सौ रुपये संयोजन शुल्क जमा करके लाइन जुड़वा ली। आयोग ने बिजली विभाग से जब संयोजन की रसीद मांगी तो विभाग उसे नहीं दिखा सका।
इस पर आयोग के अध्यक्ष लाल चंद्र व सदस्य संचिता श्रीवास्तव ने अपने आदेश में कहा कि साबिरा के पति के नाम से जारी बिल माफ किया जाए व बकायेएदारों की सूची से उनका नाम काटा जाना सुनिश्चित किया जाए।
उपभोक्ता आयोग के किसी फैसले की बाबत जानकारी नहीं है। आयोग ने विभाग द्वारा जारी बिल को गलत ठहराया है तो उसके आदेश पर बिल माफ कर बकायेदारों की सूची से उनका नाम काट दिया जाएगा। - अंकित कुमार, एक्सईएन