पश्चिमशरीरा का जिला पंचायत इंटर कॉलेज भवन की बदहाली के साथ ही शिक्षकों की कमी का भी दंश झेल रहा है। स्कूल में 454 बच्चों पर मात्र 10 शिक्षक हैं। गणित के शिक्षक अपना विषय पढ़ाने के बाद बच्चों को अर्थशास्त्र का ज्ञान देते हैं। जबकि अंग्रेजी के अध्यापक नागरिक शास्त्र का। कमरे में घुसते ही स्कूल के हालात समझ आ जाते हैं। शौचालय और पानी की सुविधा भी बस नाम मात्र की है।
जिला पंचायत की ओर से संचालित जिले का इकलौता इंटर कॉलेज पश्चिमशरीरा कस्बे में बना है। यहां कक्षा छह से 12 तक कक्षाएं संचालित होती हैं। संस्कृत, सामाजिक विज्ञान, गणित व विज्ञान विषय में शिक्षकों की कमी है। गणित और विज्ञान के एक-एक शिक्षक हैं। दोनों शिक्षक सभी कक्षाओं के छात्रों को पढ़ाते हैं।
प्रधानाचार्य आरके सिंह सामाजिक विषय के शिक्षक हैं। वह गृहविज्ञान भी पढ़ाते हैं। दूसरे सामाजिक विषय के शिक्षक भरतलाल सिंह भूगोल के बच्चों का ज्ञानवर्धन करते हैं। वहीं, हिंदी शिक्षक रामानंद राव सामाजिक विज्ञान के बच्चों को पढ़ाते हैं।
गणित के शिक्षक दिलीप कुमार यादव मूल विषय के अलावा अर्थशास्त्र और केसरी नंदन अंग्रेजी के अलावा नागरिक शास्त्र पढ़ाते हैं। कक्षा 11 व 12 के बच्चों को जिन कमरों में बैठाया जा रहा है। उसका हाल बेहतर नहीं है। बरसात में यहां बैठना मुश्किल है। छत का प्लास्टर हट गया है। सरिया दिखने लगा है।
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कक्षा छह में केवल 20 विद्यार्थी
- जिला पंचायत इंटर कॉलेज में 454 विद्यार्थियों का पंजीकरण है। कक्षा छह में केवल 20 छात्र हैं। इसके अलावा कक्षा सात में 43, आठ में 44, नौ में 109, 10वीं में 58, 11वीं में 92 और 12वीं में 88 बच्चे हैं।
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- शिक्षकों की कमी को चयन बोर्ड पूरा करेगा। किन- किन स्कूलों में किस विषय के शिक्षक नहीं है। इसकी जानकारी बोर्ड के पास पूर्व में भेजी जा चुकी है। - डॉ. एसएन यादव, डीआईओएस
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- स्कूल की हालत को लेकर कर्मचारियों को भेजकर सर्वे कराया जाएगा। जहां जो समस्या होगी। उसे दूर करा दिया जाएगा। अगर जरूरी पड़ा तो नया निर्माण भी होगा। कल्पना सोनकर, जिपं अध्यक्ष