स्वास्थ्य विभाग की ओर से आशा बहुओं के 99 पदों पर हुई भर्ती संदेह के घेरे में आ गई है। इसे संज्ञान लेकर डीएम जांच के निर्देश दिए हैं। डीएम के आदेश के बाद सीडीओ ने सीएमओ से भर्ती से संबंधित प्रक्रिया की जानकारी तलब की है। इसके बाद से भर्ती प्रक्रिया में शामिल अफसरों की नींद उड़ी है।
जिले में आशा बहुओं के 151 पद रिक्त हैं। करीब छह महीने पहले इन पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी। आशा बहुओं का चयन ग्राम पंचायत की ओर से किया जाता है। 151 में से से 99 आशा बहुओं के चयन की प्रक्रिया लोकसभा चुनाव की घोषणा के पहले ही पूरी हुई है। जबकि, शेष 52 पदों की भर्ती चुनाव के चक्कर में अटक गई है।
इसी बीच चायल के चलौली गांव के प्रधान मैदान सिंह ने डीएम से आशा बहुओं की भर्ती के संबंध में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने चयन में मनमानी का आरोप लगाया। डीएम राजेश कुमार राय ने इसे संज्ञान लेकर सीडीओ डॉ. रवि किशोर त्रिवेदी को जांच के आदेश दिए। सिर्फ चलौली ही नहीं, डीएम ने सभी 99 आशाओं की भर्ती की जांच का आदेश कर दिया है।
सीडीओ ने बताया कि जिलाधिकारी के आदेश पर सीएमओ से आशाओं के रिक्त पदों, चयन प्रक्रिया और हुई भर्ती समेत आठ बिंदुओं की जानकारी 15 दिन के अंदर मांगी गई है। यह जानकारियां मिलने के बाद जांच शुरू की जाएगी। सीडीओ के यह जानकारियां तलब करने के बाद से ही सीएमओ ऑफिस में उन अधिकारियों के होश उड़े हैं, जो इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल हैं।