चित्रकूट जिले में वर्ष 2017 में रहे जिलाधिकारी के खिलाफ मोटर यान दुर्घटना दावा अभिकरण ने आठ लाख का जुर्माना किया है। डीएम की टाटा सूमो से जिले के एक कारोबारी की मौत हो गई थी। पीड़ित परिवार की याचिका पर अभिकरण ने यह फैसला सुनाया है। प्रतिकर वाद दाखिला के साथ के दिनांक के साथ सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर से भुगतान किया जाएगा।
पइंसा कोतवाली क्षेत्र के कलुवापुर गांव निवासी महेश प्रसाद सिंह कारोबारी थे। नौ अक्तूबर 2017 में वह कारोबार के चक्कर में बाइक से महेवाघाट जा रहे थे। इस दौरान फतेहपुर जिले के धाता की तरफ से आ रही टाटा सूमो नंबर यूपी 96 जी- 0122 ने उसे टक्कर मार दिया। हादसे में कारोबारी की मौके पर ही मौत हो गई। नंबर ट्रेस करने पर पता चला कि वह गाड़ी जिलाधिकारी चित्रकूट के नाम पर पंजीकृत थी। घटना के वक्त वाहन में एसडीएम आरडी राम भी सवार थे।
सबसे अहम यह कि गाड़ी का बीमा तक नहीं था। वहीं कारोबारी महेश प्रसाद की गाड़ी का बीमा नहीं था। महेश के घरवालों ने मोटर यान दुर्घटना दावा अभिकरण में प्रतिकर के लिए दावा किया। घटना की रिपोर्ट गाड़ी नंबर के आधार पर मृतक के पिता राय बहादुर सिंह ने दर्ज कराया था। इस मामले में अभिकरण के पीठासीन अधिकारी अरविंद कुमार उपाध्याय ने मामले में चित्रकूट डीएम को दोषी करार देते हुए सात लाख 85 हजार 760 रुपये का प्रतिकर जमा करना का आदेश दिया है। यह प्रतिकर वाद 13 दिसंबर 2017 से सात प्रतिशत साधारण ब्याज दर से भुगतान का आदेश दिया है।