अकौशाम्बी विकास खंड के अहमतिया गांव में डायरिया का प्रकोप है। लोगों को उल्टी-दस्त की शिकायत है। बीमार लोग निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। बृहस्पतिवार को गांव के तमाम लोग जब सीएचसी कनैली इलाज कराने पहुंचे तो चिकित्सक दंग रह गए। इसके बाद चिकित्सकों की टीम ने गांव जाकर बीमार लोगों का इलाज किया। एक महिला की हालत नाजुक देख इलाज के लिए उसे प्रयागराज के स्वरूपरानी अस्पताल रेफर किया गया है।
गंदगी व नाली की साफ-सफाई नहीं होने के कारण अहमतिया गांव में डायरिया ने अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया है। गांव के बच्चे, बुजुर्ग व युवा बीमारी की चपेट में है। मंगलवार को गांव का उमंग, सुखलाल पुत्र जगन, सुखरानी पत्नी सुखलाल, शालू, जितेंद्र, विकास, नितेश, दिपाली, मोहित, अंजली, राजरानी, रजवंती देवी, निराशा को उल्टी दस्त शुरू हो गई है।
परिवार के लोग पहले उनका इलाज प्राइवेट चिकित्सकों से करा रहे थे लेकिन फायदा न होने पर बीमार लोगों को सीएचसी कनैली ले जाया गया। यहां चिकित्सकों ने बीमार लोगों को भर्ती कर इलाज शुरू किया। इस दौरान सुखरानी की हालत बिगड़ने पर उसे इलाज के लिए उसे एसआरएन अस्पताल प्रयागराज रेफर किया गया।
बृहस्पतिवार को सीएचसी अधीक्षक आल्हा प्रसाद सिंह के निर्देश पर चिकित्सकों की टीम ने गांव जाकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। इस दौरान रियांक व हरी उल्टी दस्त से पीड़ित मिले। चिकित्सकों ने उन्हें दवा देने के साथ ही परिवार के लोगों को साफ-सफाई का ध्यान रखने के अलावा बासी खाना नहीं खाने की नसीहत दी।
प्रधान ने नालियों में कराया दवा का छिड़काव
अहमतिया गांव में उल्टी-दस्त से परेशान लोगों का इलाज करने के लिए चिकित्सकों की टीम पहुंची तो प्रधान भी संजीदा हो गए। प्रधान गंगापाल ने सफाई कर्मियों को बुलाकर दवा का छिड़काव कराया। इसके अलावा नालियों में हुए जल भराव में दवा डाली गई।
पिछले तीन दिन के दौरान अहमदिया गांव में 15 डायरिया के मरीज मिले हैं। जिसमें एक महिला की हालत नाजुक होने पर उसे इलाज के लिए एसआरएन रेफर किया गया है। बाकी के बीमार लोगों का इलाज कर उन्हें बीमारी से बचने का तरीका बताया जा रहा है। फिलहाल स्थिति सामान्य हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम बराबर निगरानी कर रही है। आल्हा प्रसाद सिंह, अधीक्षक सीएचसी कनैली