मंझनपुर। रिश्तेदारों और ग्रामीणों के साथ डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य से मिलने आए तिहरे हत्याकांड के पीड़ित परिवार को उस वक्त मायूसी हाथ लगी, जब पुलिस प्रशासन ने उन्हें कलक्ट्रेट जाने से रोक दिया। हालांकि बाद में डिप्टी सीएम ने पीड़ित परिवार के दस सदस्यों को डीएम कार्यालय बुलाकर संवेदना व्यक्त की। कहा कि सरकार पूरी संवेदना के साथ आपके साथ खड़ी है। दोषियों को कठाेर से कठोर सजा दिलाने का आश्वासन दिया।
पंडा चौराहे में भूमि विवाद को लेकर होरीलाल, उसकी गर्भवती बेटी बृजकली व दामाद शिवसरन की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पीड़ित परिवार के लोग पहले ही डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को मौके पर बुलाने की जिद कर रहे थे। पिछले सप्ताह पीड़ित परिवार ने सांसद विनोद सोनकर के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर अपनी समस्या के बाबत अवगत कराया था। बृहस्पतिवार को डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य जिले में विकास कार्यों की समीक्षा के लिए आए तो पीड़ित परिवार के सदस्य, रिश्तेदार व बड़ी संख्या में ग्रामीण ऑटो, ट्रैक्टर आदि से मुख्यालय मंझनपुर आ गए।
वह लोग डिप्टी सीएम से मुलाकात करना चाहते थे, लेकिन पुलिस-प्रशासन ने उन्हें रोक दिया। विरोध, प्रदर्शन के बाद सिर्फ 10 लोगों को डिप्टी सीएम से मुलाकात की अनुमति दी गई। डिप्टी सीएम ने जिलाधिकारी कक्ष में पीड़ित परिजनों से मिलकर संवेदना व्यक्त की। साथ ही
आरोपियों के घर नहीं चला बुलडोजर
मंझनपुर। तिहरे हत्याकांड में मारे गए होरीलाल की बेटी सूरजकली बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट में अफसरों के सामने बिफर पड़ी। उसका कहना था कि देवरिया जिले में यादव और ब्राह्मणों के बीच भूमि विवाद में हत्याएं हुईं। उसमें बुलडोजर चलाने की कार्रवाई किए जाने की बात है। यहां पासी बिरादरी के तीन नहीं बल्कि चार लोगों की हत्या की गई। इसके बाद भी कहीं बुलडोजर नहीं चला। प्रशासन के अफसरों ने कहा था कि बुलडोजर चलेगा लेकिन यहां सिर्फ फर्ज अदायगी की गई।