लू से बचाव को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी तो पहले ही जारी कर दी थी। अब सरकारी अस्पतालों में गर्मी से राहत दिलाने से लेकर मरीजों के उपचार तक की व्यवस्थाओं को लेकर भी महकमा अलर्ट मोड पर आ गया है। मेडिकल कॉलेज में जहां 25 बेड का एक वार्ड संरक्षित कर दिया गया है। वहीं सीएचसी-पीएचसी में भी व्यवस्थाएं चुस्त-दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं।
गर्मी का पारा चढ़ता जा रहा है। हीट स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ गया है। मेडिकल कॉलेज में मरीजों की संख्या 800 से बढ़कर एक हजार के पार पहुंचने लगी है। डायरिया, पेट में दर्द समेत अन्य तमाम रोगी आने लगे हैं। ऐसे में मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने बेहतर चिकित्सीय सुविधाएं दिलाने की तैयारियां कर ली हैं।
प्राचार्य डॉ.एसके शुक्ल ने बताया कि दवाओं की कोई कमी नहीं है। डॉक्टर भी उपलब्ध हैं। ओपीडी के बाद भी फिजीशियन की ड्यूटी ऑन कॉल लगाई जा रही है। ताकि, इमरजेंसी में तत्काल सही चिकित्सीय सलाह मिल सके।
इसके अलावा हीट स्ट्रोक के मरीजों के लिए 25 बेड का एक वार्ड भी संरक्षित कर दिया गया है। ताकि, मरीजों की भीड़ बढ़ने पर इन रोगियों को आसानी से बेड उपलब्ध हो सकें।
हालांकि, अभी हीट स्ट्रोक का एक भी मरीज नहीं आया हैं। इसलिए, स्टॉफ की तैनाती नहीं की गई है। जैसे ही रोगी आएंगे, वैसे ही इस वार्ड में अलग से कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी जाएगी।
एसी, कूलर, पंखे व वाटर कूलर खराब मिले तो होगी कार्रवाई : सीएमओ
सीएमओ डॉ.सुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि जिले में आठ सीएचसी, 33 पीएचसी संचालित हैं। सभी चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि स्वास्थ्य केंद्रों में एससी, कूलर, पंखे व फ्रिज आदि खराब हों तो उनकी मरम्मत करा लें। पेयजल की व्यवस्था पर खास ध्यान दें।
कहीं भी वाटर कूलर, सबमर्सिबल पंप या हैंडपंप बंद नहीं होने चाहिए। समय-समय पर स्वास्थ्य केंद्रों की जांच कराई जाएगी। जहां यह व्यवस्था सही नहीं मिलेगी, वहां के चिकित्साधिकारी पर कार्रवाई होगी।
ये लक्षण दिखें तो तत्काल लें चिकित्सक की सलाह
मेडिकल कॉलेज के फिजीशियन डॉ.संजीव सिंह ने बताया कि जितना संभव हो सके, धूप से बचने का प्रयास करें। जरूरी हो तो धूप में छाता लेकर निकलें। ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ का सेवन करें। बाहर के खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें।
ढीले व हल्के रंग के कपड़े पहनें। खाने में मौसमी हरी सब्जियों का अधिक से अधिक प्रयोग करें। शरीर का तापमान अधिक बढ़ जाए, पसीना न आए, मांसपेशियों में ऐंठन शुरू हो जाए, चक्कर आने जैसा महसूस हो, अत्यधिक कमजोरी लगे तो तत्काल चिकित्सक की सलाह लें, क्योंकि, यह लू लगने के लक्षण हो सकते हैं।