बारा। तथागत की तपस्थली कौशाम्बी के अशोक स्तंभ में अराजकतत्वों द्वारा तोड़े गए ट्री गार्ड (ब्रिक-गार्ड) की मरम्मत रविवार को वन विभाग ने शुरू करा दी। सूखे पौधों की जगह नए पौधे लगाने की भी तैयारी है।
कौशाम्बी में सम्राट अशोक स्तंभ के साथ अन्य पर्यटक स्थल हैं। देश-विदेश से हर साल हजारों पर्यटक यहां आते हैं। अशोक स्तंभ के आसपास न तो हरियाली है और न ही यहां पर कोई होटल और छायादार अन्य जगह। ऐसे में पर्यटकों को काफी दिक्कतें होती हैं। इसी को देखते हुए चार महीने पहले वन विभाग ने यहां पौधरोपण कराया था। करीब 100 ट्री-गार्ड (ब्रिक-गार्ड) बनवाकर उसमें पौधे लगाए गए थे। इनकी देखभाल एक के लिए एक चौकीदार रखा गया था। इसके बावजूद पौधों की देखरेख नहीं हो सकी।
बिना पानी के पौधे सूख गए। कुछ अराजकतत्वों ने ट्री गार्ड क्षतिग्रस्त कर दिए। अमर उजाला में 29 अगस्त के अंक में ‘तथागत की तपस्थली में पनपने से पहले ही पौधों ने तोड़ा दम’ शीर्षक से खबर छपी तो अफसर हरकत में आए। वन विभाग के रेंजर राज कैथवाल ने जांच कराई। इसमें मामला सही पाया गया। कर्मचारियों ने रविवार को टूटे हुए ट्री-गार्डों की मरम्मत शुरू कर दी है।
टूटे हुए ब्रिक गार्ड को बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। लगाए गए पौधे सूख गए थे। फिर से पौधे लगाए जाएंगे।
-राज कैथवाल, रेंजर वन विभाग, कौशाम्बी