कचहरी परिसर में निमार्णाधीन हनुमान मंदिर के विरोध में बृहस्पतिवार को उग्र महिलाओं ने जमकर हंगामा किया। निर्माणाधीन दीवार गिराकर महिलाओं ने विरोध करने आए वकीलों पर पथराव कर दिया। इससे कचहरी परिसर में भगदड़ मच गई। वकीलों ने भी पथराव किया। सूचना पर पहुंची सदर कोतवाली पुलिस ने महिला आरक्षियों की मदद से आधा दर्जन महिलाओं को हिरासत में ले लिया। मामले में दोनों पक्षों की ओर से सदर कोतवाली पुलिस को तहरीर दी गई है। अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्रेट कर्मी समेत 25 नामजद और 25 अज्ञात महिलाओं के खिलाफ कोतवाली पुलिस को तहरीर दे दी है। तहरीर लेने के बाद पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
जिला न्यायालय और अधिवक्ता चैंबर के बगल खाली पड़ी जमीन को लेकर कलेक्ट्रेट कर्मी अंगद सिंह और अधिवक्ताओं के बीच विवाद चल रहा है। खाली पड़ी भूमि अंगद सिंह की पत्नी फूला देवी के नाम है। विवाद बढ़ने पर न्यायिक अधिकारियों ने दोनों पक्षों में समझौता कराने के लिए जमीन का एक हिस्सा हनुमान मंदिर के लिए फूला देवी से मांगी थी। फूला देवी ने मंदिर के लिए जमीन देते हुए समझौता किया था। इसके बाद भी यह विवाद नहीं थमा। फूला देवी का आरोप है कि अधिवक्ता मंदिर का निर्माण तो करा रहे हैं, लेकिन उसका निर्माण नहीं होने दे रहे हैं। इसकी शिकायत भी बुधवार को की गई थी। अधिवक्ताओं का आरोप है कि गुरुवार की दोपहर अंगद सिंह के घर से निकलीं दर्जनों महिलाओं ने जबरन मंदिर की दीवार गिरा दी।
इसका वकीलों ने विरोध किया तो उन पर पथराव किया गया। महिलाओं ने पुरुषों की मदद से जमकर वहां हंगामा किया। इससे भगदड़ मच गई। वकीलों ने भी विरोध करते हुए पथराव किया। सूचना पर सदर इंस्पेक्टर मो. हासिम फोर्स के साथ पहुंचे। मौके से महिला आरक्षियों ने आधा दर्जन महिलाओं को हिरासत में लिया। कई लोगों ने अंगद सिंह के घर में घुसकर गेट बंद कर लिया था। पुलिस ने जबरन गेट खुलवाकर लोगों को बाहर निकाला। मामले में दोनों पक्षों की ओर से पुलिस को तहरीर दी गई है।