कोख का सौदा करने वाली गीता का गुरुवार को कोर्ट में कलम बंद बयान हुआ। महिला ने अपनी तहरीर में लगाए गए आरोपों को अपने बयान में साबित किया है। बयान होते ही पीड़िता पर फरार आरोपी ने समझौते का दबाव बनाना शुरू कर दिया है। पुलिस की ढिलाई का फायदा उठाकर वह उसे एक लाख देकर चुप कराने की कोशिश कर रहा है। पिपरी थाना क्षेत्र की गीता ने कोख का सौदा होने व बाद में रुपया न देने के प्रकरण में गुरुवार को एसीजेएम कोर्ट में अपना कलम बंद बयान दर्ज कराया। पीड़िता का सौदा एक मंत्री से पेरई गांव के सरयू ने कराया था।
उसको दस हजार रुपया महीना, इलाहाबाद में घर व पांच लाख नगद देने की बात कही थी। इसके बाद उसका कृत्रिम गर्भाधान कराया गया था। पिपरी पुलिस ने मामला तो दर्ज कर लिया था, लेकिन अभी तक बिचौलिए सरयू के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। गुरुवार को बयान हुआ तो अचानक सरयू ने गीता के रिश्तेदारों की मदद से उस पर समझौते का दबाव बनाना शुरू कर दिया। उसको एक लाख रुपया देने की भी कोशिश की गई, लेकिन गीता ने रुपया लेने से इंकार कर दिया। इससे सरयू की मुसीबत बढ़ गई है। गीता का कहना है कि पुलिस की ढिलाई का फायदा उठाकर सरयू उस पर समझौते का दबाव बना रहा है। बयान होने के बाद भी पुलिस ने इस मामले में कोई तेजी नहीं दिखाई है। बच्चा लेने वाला मंत्री कौन था, कहां का है? अभी तक पुलिस इसकी जानकारी नहीं जुटा सकी है।