राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय भेलखा में निलंबित एक सफाई कर्मी व चौकीदार की बहाली के विरोध में शनिवार को ग्रामीणों ने जमकर हंगामा काटा। अस्पताल में तालाबंदी कर ग्रामीणों ने सफाई कर्मी पर चरित्रहीनता का आरोप लगाया। चेताया कि ऐसे कर्मी की दोबारा अस्पताल में तैनाती होने पर ग्रामीण आर-पार की लड़ाई को मजबूर होंगे। हंगामे की खबर पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को समझाते हुए मामला शांत कराया।
सदर तहसील के भेलखा गांव में संचालित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय में निलंबित सफाई कर्मी व चौकीदार की बहाली किए जाने के विरोध में शनिवार को भेलखा के ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। गांव के दुखीलाल, रामराखन, इन्द्रपाल, देवराम, नथनलाल, रामलखन, शिवकली, शोभादेवी, आरती देवी, देवकली आदि का आरोप है कि अस्पताल के दो कर्मी चरित्रहीन हैं। मकड़जाल में फंसाकर अस्पताल में तैनात वार्डब्वाय अभयराज को दुराचार के मामले में जेल भेजवा चुके हैं।
इसके अलावा गांव के भी कई लोगों को फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जा चुकी है। शिकायत पर दोनों कर्मियों को निलंबित करते हुए झांसी स्थानांतरित कर दिया गया। मगर अचानक न सिर्फ स्थानांतरण रद्द किया गया बल्कि उनकी बहाली भी कर दी गई। कर्मियों की बहाली के विरोध में शनिवार को ग्रामीणों ने अस्पताल पहुंचकर हंगामा करते हुए आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया। हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने उग्र लोगों को शांत कराते हुए अस्पताल से बाहर किया।