शादी में शामिल होने सैंता गांव आए 6 बच्चों की तबीयत विषाक्त नाश्ता करने से बृहस्पतिवार की सुबह बिगड़ गई। बच्चों को उल्टियां होते देख घबराए लोग उन्हें पीएचसी मूरतगंज ले गए। वहां बच्चों की हालत गंभीर देख चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद सभी को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। बच्चों की तबीयत बिगड़ने से घर-परिवार में कोहराम मचा है। इलाज करने वाले डॉक्टर के मुताबिक फूड प्वाइजनिंग से बच्चों की हालत खराब हुई है।
कोखराज कोतवाली क्षेत्र के सैंता गांव निवासी बैजनाथ सरोज के बेटे मनोज की बुधवार को शादी थी। बारात धनपरा गांव गई थी। भाई की शादी में शामिल होने बैजनाथ की बेटियां भी अपने बच्चों के साथ मायके सैंता आई थीं। ननिहाल में शादी में भाग लेने आए बच्चों ने बृहस्पतिवार की सुबह बेसन की बनी बासी बूंदी खाई थी। बताया जाता है कि बूंदी खाते ही पूनम (3) पुत्री मुन्नूलाल, शिवप्रकाश (2) पुत्र मुन्नूलाल निवासी हब्बूनगर सैनी, अनीस (3), अनुष्का 6) पुत्री होरीलाल निवासी बारा मलाका सैनी, अरविंदा (2) पुत्री रामबली निवासी दुर्गापुर करारी की तबीयत खराब हो गई। बार-बार उल्टियां करने से सभी बच्चे अचेत हो गए। बच्चों की हालत खराब देख घर में कोहराम मच गया। परेशान परिजन उन्हें लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मूरतगंज भागे।
जहां बच्चों की हालत नाजुक देख चिकित्सक ने प्राथमिक उपचार के बाद सभी को जिला अस्पताल रेफर कर दिया है। जिला अस्पताल में भर्ती शिवप्रकाश (2) और अनुष्का (6) की हालत गंभीर बनी हुई है। बीमार बच्चों का प्राथमिक उपचार करने वाले पीएचसी मूरतगंज के चिकित्सक डॉ. कमलेश कुमार ने बताया कि मामला फूड प्वाइजनिंग का है। जांच में सामने आया है कि बच्चों ने तीन-चार दिन पहले बनी बेसन की बूंदी खा ली थी। इसी से बच्चों की यह हालत हुई है।