चायल। धूमनगंज (इलाहाबाद) के पीपलगांव की रहने वाली गीता देवी पत्नी बजंरगी रैदास की हत्या कर दी गई है। यह विवाहिता पांच दिसंबर की रात से लापता थी। सोमवार को उसकी कंकाल हो चुकी लाश इलाहाबाद-कौशाम्बी बार्डर के गांव गौसपुर कटौहुला के समीप मिली। शव के साथ सड़कर चीथड़े हो चुके कपड़ों से पति ने उसकी शिनाख्त की। परिजन और पुलिस सभी हत्या करके लाश यहां फेंके जाने की आशंका जता रहे हैं। हालांकि विवाहिता को क्यों और किसने मारा है? इसकी कोई जानकारी पति और घर के अन्य सदस्य भी नहीं दे पा रहे हैं। सीओ चायल आलोक कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही घटना की असलियत का पता चलेगा।
पिपरी कोतवाली क्षेत्र के गौसपुर कटौहुला भट्ठा के समीप छुरमुट में सोमवार की दोपहर चरवाहों ने एक महिला की लाश देखी। शव कई दिन पुराना होने से सड़ चुका था। उसमें से भीषण दुर्गंध उठ रही थी। साथ ही जंगली जानवर नोचकर शव को क्षत-विक्षत कर चुके थे। शव मिलने की खबर से इलाके में सनसनी मच गई। गांववालों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पर इलाकाई पुलिस के साथ सीओ चायल आलोक कुमार भी पहुंचे। उधर, शव मिलने के बाद पीपलगांव (धूमनगंज) का रहने वाला बजरंगी रैदास और उसके परिवार के लोग भी वहां आए। कपड़े देखकर बजरंगी ने शव की शिनाख्त अपनी पत्नी गीता देवी (38) के रूप में की। बजरंगी ने बताया कि गीता पांच दिसंबर की रात करीब 11 बजे खेत की ओर गई थी, तभी से लापता थी।
देर रात तक उसके घर नहीं लौटने पर परिजन खोजबीन में जुटे। तीन दिन तक तलाश करने के बाद भी सुराग नहीं लगने पर आठ दिसंबर को धूमनगंज थाने में इसकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। फौरी तौर पर पति, परिवार के अन्य सदस्य और पुलिस भी घटना को हत्या मान रही है। हालांकि परिवार के लोग यह नहीं बता पा रहे हैं कि आखिर किसने और क्यों गीता की हत्या करके शव यहां फेंका है। घटना को लेकर लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। सीओ आलोक कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला हत्या का ही प्रतीत हो रहा है। तफ्तीश और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही असलियत सामने आएगी।